कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के नामित सदस्यों के चयन को लेकर दो फरवरी को पंचकूला में तय हुई बैठक के बाद सिख राजनीति में हलचल मची हुई है। कमेटी की कमान हासिल करने के लिए विभिन्न गुट अपना-अपना दांव खेल रहे हैं। इसी बीच आजाद प्रत्याशियों का अकाली पंथक मोर्चा सामने आया तो सिख समाज हरियाणा के अध्यक्ष दीदार सिंह नलवी ने इस पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने वीरवार को कुरुक्षेत्र में अपने संगठन की आपात बैठक बुलाई और पूरे हालात पर चर्चा की। उन्होंने अकाली पंथक मोर्चा के गठन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके पीछे कमेटी को हथियाने का खेल खेला जा रहा है। आरोप लगाए हैं कि सिरसा जिला के एक सदस्य ने सिरसा के साथ हिसार व फतेहाबाद के भी आजाद सदस्यों पर अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर उन्हें नियंत्रण में ले लिया है। आरोप लगाए कि आजाद 18 से 19 सदस्यों को हाइजैक किया जा रहा है। इसके पीछे बादल गुट के बलदेव कैमपुरिया को अध्यक्ष बनाए जाने का खेल खेला जा रहा है। जबकि अकाली दल बादल की ओर से पहले दिन से ही हरियाणा की अलग कमेटी का विरोध किया जा रहा है। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट तक यह मामला पहुंचाया गया। ऐसे में आजाद प्रत्याशियों को जागरूक होना चाहिए, ताकि कमेटी की कमान इस तरह किसी के हाथों में न जा पाए। नलवी ने सिख पंथ के हित में एक संयुक्त मंच बनाए जाने का भी आह्वान किया। इस दौरान रूपिंदर सिंह पंजोखरा साहिब, स. गुरतेज सिंह अंटाल, डीएस संधू, डॉ. राजिंदर सिंह भट्टी, गुरमीत सिंह सीवन, जगतार सिंह शाहपुर, दर्शन सिंह किशनगढ़, गुरचरण सिंह कैथल और परमिंदर सिंह भी मौजूद थे।