कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के 19 जनवरी को चुने गए सभी 40 सदस्यों की पहली बैठक शुक्रवार को पंचकूला के सेक्टर एक स्थित रेस्ट हाउस में होगी, जहां नौ नामित किए जाने वाले सदस्यों के नाम पर मुहर लगेगी। इसके लिए हरियाणा सिख गुरुद्वारा चुनाव आयोग की ओर से इस बैठक की तैयारी पूरी कर ली गई है। सभी धड़ों ने अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। इससे पहले आयोग की ओर से बैठक दो फरवरी को बुलाई गई थी, जिसे स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद बैठक की तिथि 14 फरवरी को तय की गई थी।
इस बैठक के संबंध में सबसे ज्यादा नजरें आजाद विजेता रहे प्रत्याशियों पर टिकी हैं, जिनकी ओर से अकाली पंथक मोर्चा बनाया गया है। मोर्चा के बैनर तले इन सदस्यों ने बैठक से एक दिन पहले वीरवार को भी अपनी एकजुटता व ताकत दिखाई, जिसके लिए मोहाली के अंब साहिब गुरुद्वारा में अहम बैठक की गई। दावा किया जा रहा है कि इस बैठक में 23 सदस्य शामिल रहे। वहीं करीब तीन घंटे तक नामित होने वाले सदस्यों से लेकर कमेटी की कार्यकारिणी पर भी मंथन किया गया। हालांकि बैठक पूरी तरह से गुप्त रखी गई लेकिन दावा किया जा रहा है कि शुक्रवार को होने वाली आयोग की ओर से बैठक में सदस्यों की संख्या बढ़ने वाली है।
मोर्चा पिछले दस दिन के दौरान कई बार बैठकें कर चुका है। सोमवार को जींद के धमतान साहिब में बैठक की थी तो इससे दो दिन पहले कुरुक्षेत्र के गुरुद्वारा छठी पातशाही में भी बैठक की गई थी। थानेसर वार्ड 15 से विजेता रहे आजाद प्रत्याशी हरमनप्रीत सिंह का कहना है कि बैठक में हर पहलू पर चर्चा की गई है और सभी सदस्य एकजुट हैं। आयोग के समक्ष होने वाली बैठक में नौ सदस्य नामित किए जाने हैं, जिसको लेकर विस्तार से चर्चा की गई है। उधर बलदेव कैमपुरा ग्रुप पहले ही आजाद प्रत्याशियों को बिना शर्त केसमर्थन देने का ऐलान कर चुका है।
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अपने हाथों में रहे कमेटी की कमान तो बेहतर : झींडा
पंथक अकाली दल झींडा ग्रुप के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने भी नामित होने वाले सदस्यों को लेकर अपनी रणनीति बना ली है। गत रविवार को उन्होंने चंडीगढ़ में अपने ग्रुप के विजेता प्रत्याशियों व कोर कमेटी के साथ बैठक की थी। उन्होंने इस संबंध में कहा कि बड़े संघर्ष के बाद प्रदेश की अपनी संगत द्वारा चुनी हुई कमेटी बनाए जाने का पहली बार मौका आया है। सभी सदस्यों को चाहिए कि इस कमेटी की कमान अपने ही हाथों में रहे। उन्होंने यह भी कहा कि आजाद प्रत्याशी बहुमत में जीते हैं, लेकिन उन्हें बहकावे में नहीं आना चाहिए। उधर दीदार सिंह नलवी भी बादलों को रोकने के लिए एकजुटता का आह्वान कर चुके हैं।