राज्य की एकमात्र आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी बनने का ख्वाब पाल रहे श्रीकृष्णा आयुर्वेदिक कॉलेज के सपनों को झटका लगा है।
वीरवार को राज्य स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को दौरे में खामियां ही खामियां मिलीं। उन्होंने भी कहा कि सभी तैयारियां पूरी करने के बावजूद अभी इसे आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी बनाने के बारे में सोचना पड़ेगा।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट कहा कि राजकीय श्रीकृष्ण आयुर्वेदिक कॉलेज के हालात खराब हैं। इस मेडिकल कॉलेज की अमूलचूल बदलाव की जरूरत है।
वार्ड और क्लासरूम से पता चल गया कि कॉलेज में बहुत खामियां हैं। इन्हें शीघ्र दुरुस्त करना जरूरी है। राज्य सरकार ने श्रीकृष्णा आयुर्वेदिक कालेज को यूनिवर्सिटी का दर्जा देने की लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, लेकिन हालात को देखकर सोचने की जरूरत है। यूनिवर्सिटी बनाने से पहले कालेज को सुविधाजनक बनाना पड़ेगा।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने श्रीकृष्णा आयुर्वेदिक कॉलेज और अस्पताल में छापा मारा और व्यवस्थाओं को देखा। इसके बाद बाद में पत्रकारों को संबोधित किया। अनिल विज भाजपा महाप्रशिक्षण कार्यशाला में शिरकत करने के लिए अग्रवाल धर्मशाला में आए थे। कार्यशाला में शिरकत करने से पहले उन्होंने सुबह श्रीकृष्णा आयुर्वेदिक कॉलेज का निरीक्षण किया।
हाजिरी रजिस्टर देखा
अनिल विज ने ने सबसे पहले कॉलेज में चल रही कक्षाओं, सफाई और शिक्षकों का हाजरी रजिस्टर चेक किया। इसके बाद उन्होंने कॉलेज परिसर में ही अस्पताल का निरीक्षण किया।
यहां वे सबसे पहले डिप्टी मेडीकल सुप्रिटेंडेंट डॉ.अमित सिंह के कक्ष में पहुंचे। उन्होंने यहां पर चिकित्सकों और नॉन-टीचिंग स्टाफ का हाजरी रजिस्टर को देखा। इसके साथ ही छुट्टी पर गए डॉक्टर का आवेदन पत्र देखा। स्वास्थ्य मंत्री ने कक्ष नं:56 शालाक्य तंत्र विभाग को देखा।
यहां उन्होंने एलोपैथी दवाइयों और पर्ची में लिखी गई एलोपैथी दवाइयों के बारे में पूछताछ की।
छात्राएं नहीं देख सकीं नब्ज
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने प्रेक्टिकल कर रहीं छात्राओं से बातचीत की। उनसे अपनी नब्ज की जानकारी देने के लिए कहा। लेकिन, कुछ मिनट तक कोई भी छात्रा स्वास्थ्य मंत्री के प्रश्न का जवाब नहीं दे पाई।
न ही उनकी नब्ज को देखने के लिए आगे आई। इस पर हैरानगी व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को थ्योरी के साथ व्यवहारिक ज्ञान होना जरूरी है। आयुर्वेद का ज्ञान लेने के लिए विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल पर फोकस रखना होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने इसके पश्चात क्लीनिकल एग्जामिनेशन हॉल, शैल्य तंत्रा विभाग, प्रसूति विभाग, शौचालय, ओटी ब्लॉक, पैरासर्जीकल विभाग, महिला वार्ड, दवाइयों का कक्ष, प्रोफेसर वीवी छिकारा के कार्यालय, अस्पताल की कैंटीन आदि का भी बारीकी से निरीक्षण किया।
हालात बहुत खराब, बदलाव की जरूरत
निरीक्षण के बाद अनिल विज ने पत्रकारों से कहा कि अस्पताल के हालात बहुत खराब हैं। बड़ा संस्थान होने के बावजूद बहुत खामियां हैं। इनको सुधारना बेहद जरूरी है।
इस संस्थान में अभी तक महज 60 मरीज ही पहुंचे हैं। इस अस्पताल के हर कक्ष और हर पहलू को ठीक करने की जरूरत है। इसके लिए वे शीघ्र ही एक टीम भेजेंगे। इसके बाद फिर से अस्पताल का निरीक्षण करेंगे। प्रयास रहेगा कि शीघ्र अस्पताल की खामियों को दूर कर दिया जाए।
कैंपस में 2008 से खड़ी है एम्बुलेंस
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के अंदर खड़ी एम्बुलेंस के बारे में पूछा तो चिकित्सकों ने बताया कि वर्ष 2008 से एम्बुलेंस अस्पताल में ही खड़ी है।
इसका चालक नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री ने निजी सचिव से इसे नोट करने के लिए कहा। स्वास्थ्य मंत्री दवाखाने का भी निरीक्षण किया। निर्देश दिया कि घटिया दवाइयों का प्रयोग न करें।
बाहर करवाया इलाज तो नाम हुआ नोट : विज
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने श्रीकृष्णा आयुर्वेदिक कॉलेज के ही एक चिकित्सक एसडी शर्मा की टांग में हुए फ्रैक्चर और इलाज के बारे में पूछा।
चिकित्सक ने कहा कि प्लास्टर बाहर से करवाया है और दवाइयां आयुर्वेद की ले रहे हैं। इस पर हैरानगी व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जब चिकित्सक अपना इलाज आयुर्वेदिक कॉलेज में नहीं करवाते, तो बाकी लोग अपनी बीमारी का इलाज कराने यहां क्यों आएंगे। उन्होंने अपने सचिव को डॉक्टर साहब का नाम नोट करने के भी आदेश दिए।