कुरुक्षेत्र। चुनाव के करीब साढ़े तीन माह बाद हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी को सभी 49 सदस्य मिल गए हैं, जिनमें से नौ नामित सदस्यों के नाम पर रविवार को मुहर लगी है। इसके साथ ही अब अगले एक सप्ताह तक कार्यकारिणी बन जाने की उम्मीद भी जगी है। इससे पहले 13 मई को पंचकूला में सभी सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी, जिसके बाद कार्यकारिणी बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए सदस्यों में एक को यह प्रक्रिया पूरी करवाने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
नौ सदस्य नामित होते ही प्रधानगी के लिए जोड़तोड़ का खेल भी शुरू हो गया है। मुख्य तौर पर अकाल पंथक मोर्चा व झींडा गुट पर सभी की निगाहें टिक गई है और दोनों ही गुट अपने-अपने समर्थन में ज्यादा सदस्य होने के दावे के साथ एक दूसरे को मात देने की तैयारी में जुट गए हैं। कौन किस पर भारी पड़ेगा और प्रधानी किसके सिर सजेगी, यह तो समय आने पर पता चलेगा लेकिन सदस्य नामित होते ही कमेटी मुख्यालय में भी हलचल तेज हो गई है।
उधर 19 जनवरी को हुए चुनाव में तीन सदस्यों के साथ विजयी रहे दीदार सिंह नलवी पहले ही अकाल पंथक मोर्चा के समर्थन में आ चुके हैं। यह बात अलग है कि उनके दो सदस्य उन्हें कुछ ही दिनों बाद छोड़ चुके थे। वहीं कैमपुर गुट भी पंथक मोर्चा के समर्थन में आ गया था। यह मोर्चा चुनाव में विजयी रही 22 आजाद सदस्यों ने बनाया था, जिसमें भी कुछ समय बाद 16 सदस्य ही रह गए थे। उधर जगदीश सिंह सिंह झींडा अपने गुट के नौ सदस्यों के साथ विजयी हुए थे, जिसके बाद से ही वे अपने समर्थन में सदस्यों को बढ़ाने के लिए जोड़-तोड़ में लगे हैं। यहां तक कि पिछले सप्ताह ही पहलगाम आतंकी हिंसा में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए उनकी अगुवाई में कमेटी के अधिकतर सदस्य जुटे थे। इस दौरान बैठक का भी मुख्य तौर पर झींडा ने ही नेतृत्व किया था। ऐसे में माना जाने लगा था कि उनका गुट मजबूत हो चुका है और प्रधानी हासिल करने में वे आगे निकल सकते हैं। उधर नामित सदस्यों में कुरुक्षेत्र के एक सदस्य काे ही मौका मिला है।
झींडा बोले, मेरे साथ 29 सदस्य
जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि उनके साथ वर्तमान में 29 सदस्य है। आज सदस्य नामित होने के बाद वे सीएम का आभार जताने गए तो ये सभी सदस्य साथ थे। जहां नौ नामित सदस्य थे तो 20 चुने हुए थे। यह सदस्य तय करेंगे कि प्रधानी किसे सौंपी जानी है। उन्होंने माना कि 13 मई को पंचकूला रेस्ट हाउस में शपथ ग्रहण होगा, जिसके बाद अगली प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
प्रधानी के लिए पंथक मोर्चा करेगा भरसक प्रयास : हरमनप्रीत
आजाद तौर पर विजयी रहे एवं अकाल पंथक मोर्चा के सदस्य हरमनप्रीत सिंह का कहना है कि मोर्चा में 16 चुने हुए सदस्य है तो चार नामित सदस्य भी उनके पक्ष के हैं। प्रधान बनने के लिए 25 सदस्य जरूरी है और यह संख्या पूरी करने के लिए मोर्चा भरसक प्रयास करेगा। उन्होंने माना कि दीदार सिंह नलवी व बलदेव सिंह कैमपुर गुट पहले ही साथ आ चुके हैं। वहीं बलदेव सिंह कैंमपुर से संपर्क नहीं हो पाया।