लाडवा। गांव मेहरा में कुछ दिनों पहले हुई बरसात में एक बुजुर्ग दंपती के मकान की छत का एक हिस्सा गिरने से उस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दीवारों व मकान की जर्जर हालत को देखते हुए पूरा मकान कभी भी गिर सकता है। प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद कोई भी सहायता नहीं मिल पाई है।
पीड़ित बलबीर निवासी मेहरा ने बताया कि लगभग बीस दिन पहले आई आंधी बरसात में उसके मकान की छत की कड़ियाँ टूट गई थी। कड़ियां टूटने से पूरी छत भर भराकर नीचे गिर गई। मकान का दूसरा हिस्सा भी कभी भी गिर सकता है जिससे उसके मवेशी की भी जान को खतरा बना हुआ है। मकान की छत गिरने से वह पत्नी सहित रविदास मंदिर की चौपाल में रहने को मजबूर है। संवाद