कुरुक्षेत्र। सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए अब गांव-गांव व गली-गली गूंज सुनाई देगी। न केवल सरकारी स्कूलों की खासियत से अभिभावकों को अवगत कराया जाएगा बल्कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का भरोसा भी कायम किया जाएगा।
इसके लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है, जिसके चलते स्कूल शिक्षक प्रचार रथ के साथ गांवों में घूमेंगे। विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को गहन मंथन कर प्रभावी रणनीति तैयार की।
राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल के केशव सभागार में जिलाभर के स्कूल मुखियाओं के साथ खंड व जिलास्तर के शिक्षा विभाग के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसके बाद पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने प्रवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रचार हेतु शिक्षा रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मंथन में प्रवेश उत्सव, विद्या प्रवेश, क्लास रेडिनेस प्रोग्राम, एफएलएन व निपुण हरियाणा जैसे कार्यक्रमों पर भी गहन विचार विर्मश कर क्रियान्वयन की रणनीति बनाई गई। पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 सालों में भाजपा सरकारों ने प्रदेश में स्कूलों की दशा व दिशा में बड़ा बदलाव किया है। आज प्रदेश के सरकारी स्कूल इंटरनेट, स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर आदि सुविधाओं से लैस हैं। छात्रों के टैबलेट हैं और स्मार्ट क्लास रूम हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में दर्जनों स्कूलों को मॉडल संस्कृति व पीएमश्री स्कूलों में परिवर्तित कर सीबीएससी से जोड़ा गया है।
शिक्षा बजट में ऐतिहासिक बढ़ौतरी की गई है। उन्होंने कहा कि आज सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी सुपर 100 के माध्यम से आईआईटी जैसे संस्थानों में प्रवेश पा रहे है। इन सुविधाओं के बावजूद दाखिलों में कमी आना चिंता का विषय है, सभी अधिकारियों, अध्यापकों को लोगों के साथ मिशन मोड़ में काम करना होगा तभी प्रवेश उत्सव सफल कहा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से गांव-गांव भेजा जा रहा शिक्षा रथ लोगों में सरकारी विद्यालयों के प्रति जागृति लाएगा और दाखिले बढ़ाने में कारगर सिद्ध होगा।
जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा ने कहा कि जिले के अनेक स्कूलों की तस्वीर बदली है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने बताया कि ऐसे प्रयास किए जाएं, जिससे अभिभावकों को स्कूल से जोडऩे में मदद करें। रंग-बिरंगे पोस्टर, झांकियां, स्वागत समारोह आदि के माध्यम से बच्चों को स्कूल से जोडऩे का प्रयास किया जाए।