कुरुक्षेत्र। 12 गांवों के किसानों की महापंचायत में भरोसा देते हुए सरस्वती बोर्ड व सिंचाई विभाग
कुरुक्षेत्र। बीबीपुर झील की मार से करीब 6500 एकड़ फसल को बचाने के लिए जद्दोजहद शुरू हो गई है। इससे प्रभावित 12 गांवों के किसान एकजुट हो गए हैं और सरस्वती हेरिटेज बोर्ड व सिंचाई विभाग भी सक्रिय हो गया है। वीरवार को इन गांवों के किसानों की सिंचाई विभाग कार्यालय परिसर में ही महापंचायत हुई और करीब तीन घंटे तक मंथन कर स्थायी समाधान की मांग उठाई गई।
महापंचायत में पहुंचे सरस्वती बोर्ड के एसडीओ विनोद तंवर ने भरोसा देते हुए कहा कि सरस्वती बोर्ड ने खास प्रोजेक्ट तैयार किया है जिसके तहत सरस्वती नदी को 700 फीट चौड़ा व 15 फीट गहरा किया जाएगा। यही नहीं नदी के बांध भी मजबूत किए जाएंगे, इसके लिए करीब 600 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। यही नहीं महापंचायत में ही सिंचाई विभाग के एक्सईएन मुनीष बब्बर ने कहा कि विभाग की ओर से फसलों को बाढ़ से बचाने के भरसक प्रयास किए जा रहे हैं।
22 सदस्यीय कमेटी करेगी प्रोजेक्ट पर मंथन : भारतीय किसान यूनियन (पिहोवा) के बैनर तले महापंचायत में मुर्तजापुर, बीबीपुर, मुकिमपुरा, सुरमी, टकोरन, भौर सैयदा, छैलो सहित 12 गांव के किसान प्रदेश प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच के नेतृत्व में जुटे। जहां हर गांव से दो-दो किसानों को शामिल करते हुए कमेटी बनाई, जो सरस्वती बोर्ड व सिंचाई विभाग के अधिकारियों से पूरे प्रोजेक्ट पर मंथन करेगी। किसानों ने बताया कि जिस जमीन को सरकार बीबीपुर झील बताता है। वह झील न होकर किसानों की मलकीयत भूमि है और हर वर्ष सिंचाई विभाग नाजायज रूप से उसमें पानी छोड़कर किसानों की फसलों का नुकसान करता है।
कुरुक्षेत्र। 12 गांवों के किसानों की महापंचायत में भरोसा देते हुए सरस्वती बोर्ड व सिंचाई विभाग
कुरुक्षेत्र। 12 गांवों के किसानों की महापंचायत में भरोसा देते हुए सरस्वती बोर्ड व सिंचाई विभाग
कुरुक्षेत्र। 12 गांवों के किसानों की महापंचायत में भरोसा देते हुए सरस्वती बोर्ड व सिंचाई विभाग