लाडवा। कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। विज्ञप्ति
लाडवा। लाडवा विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, सामाजिक समरसता, सिंचाई, स्वास्थ्य, पशुपालन, खेल, पर्यावरण संरक्षण और नगरीय सुविधाओं के क्षेत्र में जो कार्य पिछले 11 वर्षों में हुए हैं, वे पहले कभी नहीं देखे गए। यह कहना है मुख्यमंत्री नायब सैनी का। वे चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास पर लघु-लाडवा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि लाडवा विधानसभा क्षेत्र के विकास पर 807 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जबकि तुलनात्मक रूप से कांग्रेस के 10 साल के शासनकाल में मात्र 310 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए थे। ये आंकड़े हमारी कार्यशैली का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य ईंट-पत्थर की इमारतें खड़ा करना मात्र नहीं है बल्कि इस क्षेत्र के अंतिम पायदान पर खड़े नागरिक का उत्थान करना है। लाडवा हलके को विकास के मामले में प्रदेश का अग्रणी क्षेत्र बनाना ही हमारा लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास की दिशा में उमरी में उत्तर भारत के पहले राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना 108 करोड़ रुपये की लागत से करना हमारे लिए गर्व का विषय है। इसी गांव में सरकारी पॉलिटेक्निक भवन का निर्माण 14.51 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और बहलोलपुर में 8.33 करोड़ रुपये की लागत से आईटीआई का निर्माण किया गया है।
उन्होंने कहा कि ये संस्थान हमारे युवाओं के भविष्य को संवारेंगे। इसके साथ ही हम अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों को नहीं भूले हैं। गांव उमरी में संत शिरोमणि गुरु रविदास स्मारक का निर्माण लगभग 25 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों को सामाजिक समरसता और समानता के मूल्यों की प्रेरणा देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनियादी सुविधाओं की बात करें तो लाडवा में 26 करोड़ रुपये की लागत से मल शोधन संयंत्र स्थापित कर सीवरेज की समस्या का समाधान किया गया है। क्षेत्र के 65 गांवों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए 11 करोड़ 51 लाख रुपये की पाइपलाइन बिछाई गई है। यातायात को सुगम बनाने के लिए सहारनपुर-कुरुक्षेत्र सड़क को 10 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से चार-मार्गी किया गया है। उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए राक्षी नदी पर तीन पक्के पुलों का निर्माण और तीन करोड़ 12 लाख रुपये की लागत से आरसीसी ट्रैक परियोजना को स्वीकृति दी गई है। इस दौरान शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्षा सुमन सैनी, एडीसी महेंद्र सिंह, मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी, जिलाध्यक्ष तिजेंद्र सिंह गोल्डी सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।