कुरुक्षेत्र। विदेश भेजने के नाम पर 20.96 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में आरोपी अंकुश को नियमित जमानत मिल गई है। सत्र न्यायालय ने मामले की जांच पूरी होने और पुलिस चालान पेश होने के बाद यह राहत दी। न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल ने माना कि मुकदमे के निपटारे में समय लग सकता है।
शिकायतकर्ता धर्मपाल सैनी ने इस्माईलाबाद थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकुश, अनुराग सैनी और एक अन्य ने उनके बेटे-बहू को विदेश भेजने का झांसा दिया। इसके लिए करीब 22 लाख रुपये की मांग की गई थी। वर्ष 2022 से 2024 के बीच 19.96 लाख रुपये बैंक खातों में जमा कराए गए। एक लाख रुपये नकद भी दिए गए थे। आरोप है कि न तो उन्हें विदेश भेजा गया और न ही रकम लौटाई गई। बाद में दिए गए तीन चेक भी बैंक से बाउंस हो गए थे।
बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। उसके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है। अंकुश 15 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में था। अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए उसे आदतन अपराधी बताया। अदालत ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया।