कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी नागरिक अस्पताल में बुधवार को थैलेसीमिया से पीड़ित नौवीं कक्षा के बच्चे के उपचार के दौरान अव्यवस्था सामने आई। सलपानी खुर्द निवासी सिमरनजीत को सुबह करीब आठ बजे तबीयत खराब होने पर उसके दादा लालचंद अस्पताल लेकर पहुंचे। उनके मुताबिक पहले परिवार को फाइल और पर्ची के फेर में इधर-उधर भेजा जाता रहा। इसके बाद बच्चे को वार्ड में भर्ती किया गया, जहां उसे दो इंजेक्शन लगाए गए। करीब 11 बजे खून चढ़ाने की बारी आई तो वार्ड में फिल्टर उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई और बच्चे को सीधे खून चढ़ा दिया गया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और पेट में तेज दर्द के साथ कंपकंपी होने लगी।
लालचंद का कहना है कि हालत बिगड़ने के बाद भी अव्यवस्था इस तरह रही कि बच्चे को वार्ड से आपातकालीन विभाग में लाकर पहले से ही उपचाराधीन दूसरे मरीज के साथ बिस्तर पर लिटा दिया गया। इतना ही नहीं बच्चे को कंबल और चादर तक नहीं मिली। ठंड से कांप रहे सिमरनजीत को पास में भर्ती दूसरे थैलेसीमिया मरीज ने अपनी चादर और कंबल दिया।
परिजन बोले- एक सप्ताह से न फिल्टर, न टेस्ट
मौके पर मौजूद दूसरे थैलेसीमिया मरीजों के परिजनों और उक्त बच्चे के दादा लालचंद ने आरोप लगाया कि पिछले करीब एक सप्ताह से रक्त चढ़ाने वाला फिल्टर उपलब्ध नहीं है। नर्सें और मौके पर मौजूद अस्पताल के स्टाफ ने कहा कि फिल्टर खत्म है। उनका कहना है कि वार्ड में बच्चों को भी इसी तरह रक्त चढ़ाया जा रहा है जिससे सीधा खून शरीर में जाने से आयरन की मात्रा बढ़ जाती है और बच्चा उसे सहन नहीं कर पाता। इतना ही नहीं साथ में भर्ती मरीज की माता मधुबाला का कहना है कि यहां टेस्ट तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्हें बाहर जाकर 900 रुपये में टेस्ट करानी पड़ती है।
समय पर नहीं लगा ग्लूकोज
परिजनों का आरोप है कि रक्त चढ़ने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगीं, जिससे उसका पेट सख्त हो गया। पेट में दर्द शुरु हो गया और बुखार कंपकपी आदि बढ़ने लगी जिससे हालत गंभीर हो गई। बच्चे को काफी देर तक उसे ग्लूकोज भी नहीं लगाया गया। परिवार के अनुसार बच्चा पहले से परेशान था और उसकी स्थिति लगातार खराब हो रही थी।
चार बिस्तरों का वार्ड, सुविधाओं पर सवाल
परिजनों के अनुसार थैलेसीमिया मरीजों के लिए चार बिस्तरों का वार्ड है। उनका आरोप है कि वार्ड में जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर परेशानी बनी हुई है। बुधवार को फिल्टर नहीं मिलने और बच्चे की हालत बिगड़ने के बाद तत्काल सहायता नहीं मिलने का आरोप सामने आया।
34 हीमोफीलिया और 37 थैलेसीमिया मरीज
हीमोफीलिया सोसाइटी कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष सुखबीर ने बताया कि जिले में करीब 34 हीमोफीलिया और 37 थैलेसीमिया के मरीज हैं। उन्होंने कहा कि इन मरीजों के लिए सरकार की ओर से समय रहते जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के दिशा-निर्देश हैं। ये विशेष मामले होते हैं, इसलिए इनके उपचार में साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। मरीजों को लगातार खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है।
स्टॉक में करीब 500 फिल्टर, मौके पर क्यों नहीं मिला पता करेंगे
जिला थैलेसीमिया-हीमोफीलिया के नोडल अधिकारी डॉ. कृष्ण दत्त ने कहा कि अस्पताल में फिल्टर का पर्याप्त स्टॉक है। यदि डे केयर में स्टॉक खत्म हुआ था तो स्टोर से फिल्टर उपलब्ध कराया जाना चाहिए था। वे खुद मामले को देखेंगे और पता करेंगे कि मौके पर फिल्टर क्यों नहीं दिया गया, उनके अनुसार अस्पताल के स्टोर में करीब 500 फिल्टर उपलब्ध हैं।
वर्जन
पीएमओ जिला नागरिक अस्पताल डॉ. मेजपाल ने कहा कि फिल्टर की उपलब्धता और स्टॉक की स्थिति की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। यदि बिना फिल्टर के खून चढ़ाने की बात सामने आती है तो वह स्वयं पूरे मामले की जांच करेंगे।
कुरुक्षेत्र। बच्चे को गंभीर हालत में देखते परिजन व साथ खड़ी नर्स। संवाद- फोटो : Archive