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विद्यार्थियों को पत्रकारिता की बारीकियां बताईं

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कार्यक्रम में हिस्सा लेते पंजाबी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. हरसिमरन सिंह व अन्य। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पंजाबी विभाग ने प्रवासी पंजाबी साहित्यकार का व्याख्यान कराया। प्रवासी पंजाबी गल्पकार बलदेव सिंह ग्रेवाल ने विद्यार्थियों के साथ पत्रकारिता की बारीकियों एंव गल्प चेतना के संबंध में चर्चा की।
उन्होंने बताया कि नारी चेतना उनकी गल्प चेतना का मुख्य केंद्र रहा है। सीते बुल्लां दा सुनेहा (कहानी संग्रह) उनकी चेतना के प्रगटावे का शिखर है। उन्होंने जीवन में शख्सियत के विकास के लिए अनुभव, अभ्यास व परिपक्वता इत्यादि गुणों को आत्मसात करने के साथ व्यवहार में लाने लिए प्रोत्साहित किया। विभाग के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप ने ग्रेवाल की रचनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रवासी पंजाबी लेखकों में बलदेव सिंह ग्रेवाल एक सुप्रसिद्ध नाम है। उन्होेंने अपनी लेखनी से प्रवासी पंजाबी साहित्य के क्षेत्र में एक गल्पकार के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ी है।
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गल्प के क्षेत्र में उनकी परिक्रमा (उपन्यास), रोशनी दी दस्तक (कहानी संग्रह), सीते बुल्लां दा सुनेहा (कविता संग्रह) और ओसामा बिन लादेन दा अंत जैसी तीन चर्चित पुस्तकें हैं। इसके अलावा पत्रकारिता के क्षेत्र में भी उनका बड़ा नाम है और यह उनका मनपसंद पेशा भी रहा है, जिसमें उन्होंने लगभग 40 वर्ष अपनी सेवाएं दी। पंजाबी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. हरसिमरन सिंह रंधावा की ख्याति गल्प चिंतक के तौर पर रही है।
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उन्होंने पंजाबी साहित्य में ग्रेवाल की रचना को विलक्षण दर्जे वाला गल्प साहित्य बताया। डॉ. रंधावा ने कहा कि यहां आना मेरे लिए मां की गोदी में आने के समान है। यहां पर विद्यार्थी जीवन, अध्यापक और अध्यक्ष के रूप में यहां तक का चुनौतीपूर्ण सफर सकारात्मक जिम्मेदारी से निभाया। इस अवसर पर डॉ. जसवीर कौर, डॉ. वेदपाल सहित शोधार्थी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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