कुरुक्षेत्र। बसें कहां-कहां से चलेंगी। साधक किस द्वार से आयोजन स्थल तक पहुंचेंगे। बसें व अन्य वाहनों को कितनी दूरी पर पार्क करवाना होगा, किस स्तर पर एलइडी लगाई जाएगी और इसके लिए एक-एक वालंटियर किस तरह से अपनी-अपनी भूमिका निभा सकता है।
21 जून को पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर होने वाले प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम की सफलता के लिए ये मंत्र योग गुरु स्वामी रामदेव ने दिए।
इसके लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कार्यकर्ता सम्मेलन किया गया, जिसमें करीब 40 मिनट तक स्वामी रामदेव योग गुरु के साथ-साथ बेहतरीन मैनेजमेंट गुरु के रूप में दिखाई दिए। हंसी के ठहाकों के बीच उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए बेहद बारीकी से टिप्स दिए। यहां तक कि उन्होंने योग से अपने खुद के जीवन में हुए फायदे का जिक्र करते हुए इसे अपनी जीवनचर्या में शामिल किए जाने का भी आह्वान किया। उन्होंने जीवन दर्शन के साथ-साथ राष्ट्र सेवा निभाने के टिप्स भी दिए तो वहीं भारतीय संस्कृति व परंपराओं से भी रूबरू करवाया। इस मौके पर हरियाणा योग आयोग के अध्यक्ष डॉ. जयदीप आर्य, कुवि कुलपति प्रो सोमनाथ सचदेवा, मुख्य केंद्रीय प्रभारी राकेश मित्तल, स्वामी परमार्थ देव, महिला पतंजलि योग समिति की मुखिया साध्वी देवप्रिया, प्रवक्ता एसके तिजारावाला, पदम सेन, डॉक्टर संदीप गुप्ता सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
योग धर्म को युग धर्म बनाने का संकल्प लेंगे एक लाख साधक : स्वामी रामदेव ने कहा कि कुरुक्षेत्र की धारा से योग धर्म अब युग धर्म बनेगा। 21 जून को इस धर्म क्षेत्र से योग धर्म की शुरुआत हुई थी, और अब 11वें वर्ष में कुरुक्षेत्र से ही योग धर्म को युग धर्म बनाने का संकल्प लेते हुए एक लाख से ज्यादा योग साधक हिस्सा लेकर योग के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
प्रदेश में 10 लाख से ज्यादा लोग अलग- अलग योग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। प्रदेश के सभी मंत्री, विधायक व अन्य वीआईपी आयोजन में शामिल होंगे। सामाजिक संस्थाओं का भी पूरा सहयोग लिया जाएगा। संवाद