हरियाणा के कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में सूरजमुखी खरीद शुरू न होने और अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पहले महापंचायत की और फिर करीब छह घंटे तक पुलिस थाने का घेराव किया। साथ ही अल्टीमेटम दिया कि एक जून तक खरीद शुरू नहीं की गई तो अगले दिन फिर पंचायत कर कड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस पर अधिकारियों द्वारा दिए भरोसे और कई मांगें पूरी किए जाने के चलते किसान शांत हुए, जिसके बाद प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
बता दें कि 22 मई को किसानों ने नई अनाज मंडी में पंचायत कर सरकार को 25 मई तक सूरजमुखी की खरीद शुरू करने का अल्टीमेटम दिया था। उसके बाद फिर 26 मई को किसानों ने पंचायत की, जिसमें एसडीएम कपिल शर्मा ने 29 मई तक सरकारी खरीद शुरू करवाने का आश्वासन दिया था।
इस पर किसान सहमत हो गये और उन्होंने 29 मई तक का अल्टीमेटम सरकार को दिया। ऐसे में मंगलवार को किसानों ने फिर महापंचायत की। इसके बाद भाकियू के प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस व ब्लॉक कार्यकारी सदस्य जसबीर सिंह मामूमाजरा के नेतृत्व में थाने का घेराव करने का फैसला लिया।
इससे पहले भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के आह्वान पर सुबह ही किसान पहुंचना शुरू हो गए थे, जिसके बाद महापंचायत की गई। किसानों को मनाने के लिए एसडीएम कपिल शर्मा व डीएसपी रणधीर सिंह पहुंचे और उन्हें भरोसा देते रहे, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे।
फिर जुलूस निकालते हुए थाने पहुंच गए और दोपहर करीब डेढ़ बजे से शाम सात बजे तक वहीं जमे रहे। इससे अधिकारियों की सांसें फूलती रहीं। वहीं मौके पर पहुंचे गुरनाम सिंह चढूनी ने प्रशासन को चेताया कि अगर आज सरकारी खरीद का कोई नोटीफिकेशन जारी न हुआ तो किसान आगामी कार्रवाई के लिए तैयार हैं। इस अवसर पर ब्लॉक प्रधान हरकेश खानपुर जाट्टान, जसबीर सिंह मामूमाजरा, पवन बैंस शहरी प्रधान, अर्शपाल चढूनी, पंकज हबाना, सुखचैन पाडलूा, जयपाल चढूनी सहित अनेक किसान मौजूद थे।
लोस और विस में किसानों के बीच का हो नेता : चढ़ूनी
सायं के करीब 4.45 बजे भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी थाने में किसानों के बीच पहुंचे, जहां प्रवक्ता राकेश बैंस ने बताया कि अभी तक फसल पंजीकरण वेबसाइट का डाटा भी वेरीफाई नहीं हुआ है। इससे यह स्पष्ट है कि सरकारी खरीद एक जून को भी शुरू नहीं होगी। इसी दौरान चढूनी ने कहा कि इस बार लोकसभा और विधानसभा चुनावों में किसानों के बीच का नेता चुना जाए जो किसानों की आवाज को बुलंद कर सके। उन्होंने कहा कि जब तक किसान सरकार नहीं बनती, तब तक किसानों को खाद व बीज लेने और फसल को बेचने के लिए ऐसे ही सड़कों पर धक्के खाने पड़ेंगे।
पोर्टल वेरिफाई हुआ तो खरीद केंद्र भी बनाने पर शांत हुए किसान
किसान धरना देकर कड़ा रोष जता रहे थे। इसी दौरान एसडीएम कपिल शर्मा ने बताया कि पोर्टल वेरिफाई हो चुका है और जल्द खरीद भी शुरू हो जाएगी। वहीं खरीद केंद्र भी किसानों की मांग के अनुरूप बना दिए गए हैं। यहीं नहीं 50 हजार क्विंटल खरीद केंद्र तो बाकी प्रदेश सरकार करेगी। इस पर किसानों का गुस्सा कुछ शांत हुआ।