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Haryana: कॉलेज स्तर पर रहे एबीवीपी के छात्र नेता, राज्यमंत्री पद तक पहुंचे सुभाष सुधा

Tue, 19 Mar 2024 06:56 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)

सार

मुख्यमंत्री नायब सैनी व पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नजदीकी होने का सुभाष सुधा को फायदा मिला है। सुभाष सुधा पंजाबी नेता के रूप में उभरे हैं।
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सुभाष सुधा ने ली राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में शपथ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के थानेसर से विधायक सुभाष सुधा प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बने हैं, जिससे न केवल समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है बल्कि वे प्रदेश में पंजाबी नेता के रूप में भी उभरे हैं। माना जा रहा है कि उन्हें मुख्यमंत्री नायब सैनी एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बेहद करीबी और पंजाबी नेता होने का फायदा मिला है। उनके मंत्री के तौर पर शपथ लेते ही ढोल नगाड़ों से स्वागत किया गया तो जमकर मिठाई भी बांटी गई। आवास पर बधाई देने वालों का तांता देर रात तक लगा रहा। 

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चार जून 1964 में  देशराज सुधा के घर जन्में एवं करीब 50 वर्षीय सुभाष सुधा ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एमए तक की पढ़ाई की और राजनीतिक जीवन कॉलेज स्तर से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ शुरू किया।  एक छात्र नेता के रूप में कॉलेज और विश्वविद्यालय की राजनीति में आगे रहे। 1994 में नगर पालिका पार्षद का चुनाव जीता और 30 वर्ष की आयु में नगर पालिका समिति थानेसर के पहले निर्वाचित अध्यक्ष बने। 
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2009 में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ा और करीब 18 हजार वोट प्राप्त किए। वर्ष 2013 में वित्त आयोग (हरियाणा) के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया। स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के बाद वे इनेलो में शामिल हो गए थे, जिसके बाद वे कांग्रेस में चले गए थे।

लेकिन वर्ष 2014 के चुनावों से पहले वे इनेलो छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे और इसके बाद हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने उन्हें मैदान में उतारा था। वे विधायक बने और इसके बाद वर्ष 2019 में फिर थानेसर से ही भाजपा विधायक बनने का उन्हें मौका मिला।
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पत्नी उमा सुधा नगर परिषद चेयरमैन, बेटा साहिल युवा जिलाध्यक्ष 
सुभाष सुधा का पूरा परिवार राजनीति में सक्रिय है। जहां वे खुद दो बार विधायक बन चुके हैं तो उनके बेटे साहिल सुधा भाजपा युवा मोर्चा में सक्रिय रहे हैं। कुछ माह पहले ही वे भाजपा युवा जिलाध्यक्ष बनाए गए तो करनाल के प्रभारी भी रह चुके हैं। सुभाष सुधा की पत्नी उमा सुधा कई प्लान से नगर परिषद की चेयरमैन रही हैं और परिषद की वही निवर्तमान चेयरमैन हैं।
 
ईमानदारी से निभाएंगे जिम्मेदारी : सुधा
राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री नायब सैनी व पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जनता के आशीर्वाद से राज्यमंत्री के रुप में सेवा करने का मौका मिला है। इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाने का काम करेंगे। वे विधायक रहते हुए अपने क्षेत्र के लोगों के लिए भरसक कार्य करते रहे हैं और अब प्रदेश स्तर पर भी हर कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब थानेसर हलके का विकास ओर तेजी के साथ किया जाएगा। इससे पहले लोकसभा चुनाव में भाजपा को 10 की 10 सीटे जिताने के लिए दिन-रात मेहनत की जाएगी। सभी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम किया जाएगा। सरकार के सपनों को साकार करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

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