कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज की ओर से एक विशेष ऑनलाइन सत्र का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
मुख्य वक्ता इंडस्ट्री एक्सपर्ट हर्ष बंसल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विकसित भारत का सूत्रधार है। शिक्षा से लेकर उद्योग तक ऐसा कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है जहां एआई का प्रयोग न किया जा रहा हो। इसमें एक मशीन को कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के जरिये इतना बुद्धिमान बनाने की कोशिश की जाती है जिससे वो इंसानों की तरह सोच-समझ सके और फैसले ले सके। आजकल कई कंपनियां चैट बोट का इस्तेमाल कस्टमर सपोर्ट के लिए करती हैं।
हेल्थ केयर सेक्टर में एआई का इस्तेमाल काफी तेजी से हो रहा है। कैंसर जैसी पुरानी बीमारियों से लेकर रेडियोलॉजी तक, सटीक नतीजों के लिए एआई का इस्तेमाल किया जा रहा है। एजुकेशन सेक्टर में एआई-संचालित असिस्टेंट की बदौलत छात्र अब शिक्षकों से संपर्क किए बिना शैक्षिक संसाधनों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
परिशुद्ध खेती में एआई काफी कारगर है। परिशुद्ध खेती में डिजिटल कृषि प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके फसल की उत्पादकता में वृद्धि करने का प्रयास किया जाता है। फाइनेंस सेक्टर, मार्केटिंग एंड एडवरटाइजिंग सेक्टर, वित्तीय लेनदेन में फ्रॉड की जांच और रोकथाम, क्रेडिट स्कोरिंग और जोखिम मूल्यांकन के लिए एआई का उपयोग किया जाता है।
कार्यक्रम के आयोजक डॉ. अश्विनी कुश ने कहा कि इंडस्ट्री एक्सपर्ट हर्ष बंसल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और क्लाउड इनोवेशन में दो दशकों से अधिक का अनुभव है।
एआई आधारित सोल्जर रोबोट मानवता के लिए बन सकते हैं खतरा
एक्सपर्ट हर्ष बंसल ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में एआई का इस्तेमाल सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण होगा। दुनिया के कई देश एआई आधारित सोल्जर रोबोट बनाने की कोशिश में हैं ताकि मानवीय क्षति को कम किया जा सके। अगर ऐसा होता है तो ये एक बड़ी उपलब्धि होगी लेकिन ये भी ध्यान रखना जरूरी है कि एक मशीन में कभी भी खराबी आ सकती है। इस स्थिति में इसके बेहद घातक परिणाम सामने आ सकते हैं।