संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। एमबीबीएस विद्यार्थियों के समान इंटर्नशिप भत्ता और स्नातकोत्तर की छात्रवृत्ति में बढ़ोत्तरी की मांग कर रहे आयुर्वेद के विद्यार्थी आरपार की लड़ाई लड़ने की मूड में हैं। अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे बीएएमएस, एमडी, एमएस और फार्मेसी के विद्यार्थियों ने मंगलवार को भी आठवें दिन आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विद्यार्थियों ने नाटक का मंचन करके अपनी पीड़ा जाहिर की। इसी संदर्भ में चार विद्यार्थियों के एक प्रतिनिधि मंडल ने आयुष विभाग के महानिदेशक डॉ. साकेत कुमार से मुलाकात की। इस दौरान महानिदेशक ने विद्यार्थियों की मांगों पर सहमति जताई तथा जल्द सरकार के समक्ष उक्त मांगें पेश करने का आश्वासन दिया।
उधर, पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक अरोड़ा और आम आदमी पार्टी के जिला पदाधिकारी आंदोलनरत विद्यार्थियों को समर्थन देने पहुंचे। इस दौरान भावी चिकित्सकों ने पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा को अपनी परेशानी बताई तथा उनकी मांगे मनवाने के लिए कांग्रेस के मंच पर उनकी बात रखने का अनुरोध किया। पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने कहा कि कोरोना काल में आयुर्वेद की उपयोगिता से सभी वाकिफ हो चुके हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक चिकित्सकों की उपेक्षा करना सरकार की बड़ी भूल है।
सरकार को उनकी मांगों को तुरंत मानना चाहिए। कहा कि जब अन्य राज्यों की सरकारें बीएएमएस विद्यार्थियों को एमबीबीएस विद्यार्थियों के समान भत्ता दे रही है, तो हरियाणा सरकार इनसे भेदभाव क्यों कर रही है ? इस दौरान आयुर्वेद विद्यार्थियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा।