कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में इंजीनियरिंग की छह शाखाओं में दाखिला के लिए पंजीकरण प्रक्रिया ऑनलाइन जारी है। इसमें जेईई मेन्स में प्राप्त रैंक के आधार पर विद्यार्थियों का चयन किया जाता है।
संस्थान में दाखिला ऑनलाइन काउंसलिंग द्वारा हरियाणा स्टेट टेक्निकल एजुकेशन सोसायटी पंचकूला द्वारा किया जाता है। इसकी प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है, जिसके लिए 12वीं नॉन मेडिकल से उत्तीर्ण विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। इसमें कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में 120 सीटों पर, आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग में 60, इलेक्ट्राॅनिक एंड कम्यूनिकेशन में 120, मैकेनिकल में 60, बायोटेक्नोलॉजी में 60 और इलेक्ट्रीकल एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग में 60 सीटों पर दाखिला के लिए पंजीकरण हो रहे हैं, जिसमें इच्छुक विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।
विद्यार्थियों के लिए इंजीनियरिंग एक शानदार कॅरियर विकल्प : प्रो. ढींगरा
कुवि के डीन इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी एवं यूआईईटी निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने बताया कि 12वीं नॉन-मेडिकल (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ) करने वाले विद्यार्थियों के लिए इंजीनियरिंग एक शानदार कॅरिअर विकल्प है। इस स्ट्रीम के विद्यार्थी कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल, इलेक्ट्राॅनिक कम्यूनिकेशन, बायोटेक्नोलॉजी, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रीकल सहित विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं में दाखिला लेकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं। टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है, इसलिए छात्रों को समय के साथ नई तकनीकें सीखनी चाहिए। कोडिंग, कम्युनिकेशन स्किल्स और इंटर्नशिप अनुभव कॅरिअर को और मजबूत बनाते हैं।
उन्होंने बताया कि कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग क्षेत्र में छात्रों को प्रोग्रामिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी आदि का ज्ञान मिलता है। आईटी कंपनियों में जॉब की संभावनाएं होती हैं। मैकेनिकल के पश्चात मशीनों, ऑटोमोबाइल्स और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में कार्य कर सकते हैं। वहीं सिविल इंजीनियरिंग के बाद बिल्डिंग, रोड, ब्रिज निर्माण में कॅरियर है। सरकारी व प्राइवेट परियोजनाओं में मांग रहती है। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में टेलीकॉम, हार्डवेयर और सिग्नल प्रोसेसिंग में कार्य कर सकते हैं।
इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग के पश्चात पावर प्लांट्स, बिजली से जुड़ी कंपनियों में अवसर पा सकते हैं। इसी के साथ विद्यार्थी इच्छानुसार आर्किटेक्चर, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, एयरोस्पेस, एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग कर सकते हैं। प्रो. ढींगरा ने कहा कि छात्र इंजीनियरिंग के जरिए रिसर्च, इनोवेशन और देश की तकनीकी तरक्की में योगदान दे सकते हैं। सही दिशा और मेहनत से उन्हें अच्छा भविष्य मिल सकता है। इसकी पढ़ाई के लिए विद्यार्थी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के अलावा टॉप इंजीनियर संस्थान और महाविद्यालयों में दाखिला ले सकते हैं।