दिन के समय कभी खिलौने तो कभी फलों की रेहड़ी लेकर फेरी लगाने के बहाने रेकी करते और रात को ट्रांसफार्मर चोरी की वारदात को अंजाम दे देते। यह सिलसिला करीब एक साल से चल रहा था। जिला के सीएम सिटी लाडवा व बाबैन क्षेत्र में ट्रांसफार्मर चोरी की बढ़ती ये वारदातें पुलिस के लिए चुनौती बन चुकी थी। अब सीआइए दो की टीम ने दो सहारनपुर के रहने वाले दो आरोपियों को दबौचा तो ऐसी 70 वारदातों का राज खुला, जबकि इन्हें पांच दिन के रिमांड पर लिया हुआ है, जिस दौरान और भी वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद है। यहीं नहीं पुलिस रिमांड के दौरान इनके दूसरे साथियों से लेकर सहारनपुर में चुराए गए ट्रांसफार्मरों का सामान खरीद करने वाले आरोपी तक पहुंचेगी।
आरोपियों की पहचान यूपी के सहारनपुर जिला के गांव मायापुर रूपपुर वासी साजिद और गांव चकरोता लोहारान वासी अरफात के रूप में हुई है, जिनसे लाखों रुपये का चार क्विंटल तांबा, औजार और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतीक गहलोत ने बताया कि साजिद हिस्ट्रीशीटर है और करनाल, सहारनपुर व देवबंद की जेलों में चोरी के मामलों में बंद रह चुका है। सहारनपुर जेल से जमानत पर छूटने के बाद इसने अपने साथ अन्य शातिरों को मिलाकर 15 साल बाद फिर से ट्रांसफार्मर चोरी का जाल फैलाया और इसके लिए कुरुक्षेत्र जिला को निशाना बनाया।
पूछताछ में आरोपियों ने माना कि वे रात को ट्रांसफार्मर चोरी कर यमुनानगर के रादौर के समीप जंगल में ले जाते थे, जहां ये आग जलाकर तांबा व अन्य सामान अलग कर लेते थे और फिर यह सामान सहारनपुर ले जाकर बेच देते थे। आरोपियों ने फिलहाल थाना लाडवा और बाबैन क्षेत्र में 70 वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।
पुलिस की सटीक रणनीति और मोबाइल लोकेशन से पकड़े गए शातिर
सीआईए-दो के प्रभारी निरीक्षक मोहन लाल के मुताबिक आरोपी इतने शातिर है कि पहले बाइक पर चोरी की वारदात करके सामान ले जाते थे। उस दौरान मोबाइल बंद रखते थे। बाद में वारदातें बढ़ाई तो रेहड़ी में सामान ले जाने लगे, जिसके चलते वे अपने साथ मोबाइल ऑन रखने लगे। मोबाइल नंबरों लंबे समय तक ट्रेस किए गए तो आरोपियों के नंबर हर बार चोरी के समय घटनास्थल और सुबह एक स्थानीय ढाबे पर मिले। ढाबा संचालक से पूछताछ की तो उसने बताया कि ये लोग फल व खिलौने आदि बेचने वाले हैं। बंद कट्टे में लाए सामान को ये फल व खिलौने आदी बताते हैं। योजना के तहत दोनों आरोपी जब ढाबे पर पहुंचे तो टीम ने उन्हें दबौच लिया और पूछताछ में सब उगल दिया।