संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। दयानंद महिला महाविद्यालय में ‘लिंग संवेदनशीलता’ विषय पर विस्तार व्याख्यान आयोजित किया गया। आंतरिक शिकायत प्रकोष्ठ एवं महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता केयू के वाणिज्य विभाग एवं आंतरिक शिकायत कमेटी की अध्यक्ष डॉ. नीलम ढांडा ने ने कहा कि किसी भी देश का समाज तभी आगे बढ़ सकता है, जब महिलाएं सशक्त होंगी। हमें अलग समाज की स्थापना नहीं करनी है, बल्कि साथ मिलकर समाज को समृद्ध बनाना है।
उन्होंने छात्राओं के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि आज लड़कियों ने हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत को साबित कर देश के नाम को रोशन किया है। उन्होंने आंतरिक शिकायत कमेटी के गठन करने के उद्देश्य के बारे में छात्राओं को बताते हुए शिकायत करने के तरीकों से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि सर्वप्रथम 2013 में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम की स्थापना की गई, जिसका उद्देश्य महिलाओं की कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न संबंधी समस्याओं का निवारण करना था।
उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान में अगर 10 से कम कर्मचारी होते हैं तो वहां स्थानीय शिकायत समिति का गठन किया जाता है, जो जिला स्तर पर कार्य करती है और जिस संस्थान में 10 से ज्यादा कर्मचारी हो वहां आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाता है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. विजेश्वरी शर्मा ने कहा कि समाज में जब लड़कियां आगे बढ़ती हैं तो उन्हें कई प्रकार के भेदभावों का सामना करना पड़ता है। हमें अपनी मानसिकता को बदलकर खुद को मजबूत बनाना होगा। इस अवसर पर डॉ. सुमन राजन, डॉ. अनु चौहान, डॉ. नेहा, डॉ. सोनिया, मनीषा, प्रतीक्षा, सुकृति आदि मौजूद रहीं।