संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से देश विदेश के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। हर साल एक करोड़ से भी ज्यादा श्रद्धालु यहां के विभिन्न ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों का भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। अब गीता उपदेश स्थली ज्योतिसर में भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और तिरुपति बालाजी का भव्य मंदिर बनने जा रहा है। इसके लिए ज्योतिसर में ढांड रोड की तरफ जाने वाली सड़क पर दो एकड़ जमीन भी खरीद ली गई है।
इस जमीन पर मंदिर के साथ-साथ गोशाला, विद्याशाला, वैदिक शोध केंद्र, यात्री निवास और यज्ञशाला का निर्माण भी किया जाएगा। खास बात यह रहेगी की मंदिर का निर्माण राजस्थान के गुलाबी और काले पत्थर से किया जाएगा। इस मंदिर की चहारदीवारी श्रद्धालुओं को श्रीमद्भगवद गीता को याद करवाएगी। इस प्रोजेक्ट पर करीब 80 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। इन मंदिरों के बनने से जहां लोगों की धर्मनगरी के प्रति आस्था और भी ज्यादा गहरी होगी वहीं इससे तीर्थ स्थली ज्योतिसर में पर्यटन बढ़ने की भी संभावना है।
मंदिर में भीम की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। इस प्रतिमा का बेस 40 फुट होगा और 32 फुट की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इस प्रतिमा में नीचे से लेकर ऊपर तक महाभारत के दृश्य नजर आएंगे। इस प्रतिमा की खास बात यह रहेगी 32 फुट की प्रतिमा एक पीस पत्थर को तराश कर बनाई जाएगी। यह पत्थर तमिलनाडु के सालम से मंगवाया गया है।
संस्था के प्रतिनिधि विपिन, प्रहलाद व ज्योतिसर से प्रवीण कुमार ने विधायक सुभाष सुधा से मुलाकात कर इस प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से चर्चा की। विधायक ने कहा कि ज्योतिसर में मंदिर का निर्माण करना सराहनीय कदम है। इस मौके पर नप की निवर्तमान अध्यक्ष उमा सुधा, साहिल सुधा, केडीबी सदस्य सौरभ चौधरी, भाजपा नेता रविंद्र सांगवान, समाजसेवी प्रदीप झांब व पवन शर्मा मौजूद रहे।
भूमि पूजन 23 जून को सुबह 10 बजे
मंदिरों का निर्माण उदुपी की श्रीरमनजन्य प्रतिष्ठाना निजी संस्था की ओर से किया जाएगा। भूमि पूजन कार्यक्रम 23 जून को सुबह 10 बजे होगा। संस्था के प्रतिनिधि विपिन व प्रहलाद ने बताया कि जगद्गुरु माधवाचार्य मुल्ला महासमस्थाना के आशीर्वाद से इन मंदिरों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें माधवाचार्य मुल्ला महासमस्थाना का जीवन परिचय भी देखने को मिलेगा।