कुरुक्षेत्र। श्री देवीकूप भद्रकाली शक्तिपीठ में षष्ठी नवरात्र पर मां कात्यायनी का पूजन किया गया। इस दाैरान दूर-दराज से मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां की पूजा-अर्चना कर मनौतियां मांगीं। इस दौरान मंदिर परिसर का पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। मंदिर में शनिवार को मां भद्रकाली के विशेष दर्शन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। भक्तों के आग्रह पर 2.25 किलोग्राम चांदी की गोल्ड प्लेटिंग पोशाक फिर से धारण कराई जाएगी।
विशेष स्वर्णिम पोशाक के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए दर्शन, सुरक्षा और सुविधा संबंधी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। मुख्य पुजारिन शिमला देवी के सान्निध्य में प्रातःकालीन मंगला आरती हुई। मां को शहद, लाल गुलाब, कमल के फूल, इलायची तथा रुद्राक्ष की माला अर्पित की गई। सेवा प्रमुख देवेंद्र गर्ग ने पूजा संबंधी सेवाओं का संचालन किया। मंदिर में नवरात्र व्रत भंडारा और अन्नपूर्णा भंडारा भी दिया गया। भजन संध्या में ओम भाई, सुभाष भाई एवं पार्टी ने भजन प्रस्तुत किए। समिति उपाध्यक्ष डॉ. एमके मौद्गिल, संयोजक सुनील वर्मा सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं
मंदिर प्रबंधन द्वारा जिंदल पार्क से मंदिर तक मुफ्त ई-रिक्शा का इंतजाम रहेगा। भंडारे के अलावा प्रसाद रूप में श्री दुर्गाष्टमी जागरण के पास वितरित होंगे। दर्शन लाइन, वाहन स्थल, जूताघर और स्वच्छता सहित विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए 500 से अधिक सेवादारों की ड्यूटी दो पालियों में लगाई गई है। मंदिर परिसर में ठंडे पानी, शीतलकों और चिकित्सा सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की जाएगी।
बुजुर्गों और माताओं के लिए सुगम दर्शन
पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने बताया कि शनिवार मां भद्रकाली के पूजा-दर्शन के लिए विशेष महत्व रखता है। श्रद्धालुओं को सुगम और व्यवस्थित दर्शन कराने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों तथा गोद में छोटे बच्चों वाली माताओं के लिए अलग से सुगम दर्शन की व्यवस्था रहेगी। वाहन स्थल मंदिर परिसर और जिंदल पार्क में निशुल्क रहेगा।
कुरुक्षेत्र। मां भद्रकाली के दिव्य दरबार में पुष्पों से सुशोभित षष्ठी कात्यायनी स्वरूप। संवाद
कुरुक्षेत्र। मां भद्रकाली के दिव्य दरबार में पुष्पों से सुशोभित षष्ठी कात्यायनी स्वरूप। संवाद