महाभारत कालीन सन्निहित सरोवर स्थित बरामदे की 22 साल में पहली बार मरम्मत की जाएगी। अगले दो या तीन दिनों में इसका कार्य शुरू हो जाएगा। इससे पहले कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केबीडी) द्वारा बरामदे के चारों ओर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर पत्थर गिरने की संभावना जताते हुए दूरी बनाकर खुद का बचाव करने के लिए कहा गया है।
रविवार रात्रि बरामदे के नीचे सो रहे 67 वर्षीय एक साधु के ऊपर छज्जे पर लगे 10-10 किलो के कई पत्थर टूट कर गिर गए थे। जिससे गंभीर चोटें आई। पुरोहितों ने अस्पताल ले जाकर साधु का उपचार कराया और केडीबी अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए। ‘अमर उजाला’ की ओर से प्रकाशित की गई इस खबर पर अब अधिकारियों ने संज्ञान लिया है।
सूर्य व ध्रुव मंदिर के पुजारी राजीव शर्मा अच्चु ने कहा कि 1999 में बने इस बरामदे के करीब 10 साल पहले पत्थर गिरना शुरू हो गए थे। अब तक कई साधु, पर्यटक व पुरोहित इससे चोटिल हो चुके हैं। केडीबी अधिकारियों को इस संबंध में शिकायत दी, लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया गया। वहीं बुधवार सुबह से ही सन्निहित सरोवर पर अधिकारियों को आना जाना लगा रहा। शाम को भी अधिकारी आए और टूटे पत्थरों का माप लेकर गए हैं। पुरोहित अमन ने कहा कि कई साल से वे खतरे के साए में पूजा पाठ कर रहे थे। रोजाना रात्रि करीब 100 साधु इस बरामदे के नीचे सोते हैं, वहीं खास मौके पर हजारों श्रद्धालु भी यहां पहुंचते हैं।
सभी पत्थरों की कराई जाएगी मरम्मत: सीईओ
केडीबी सीईओ अभिनव मेहता ने कहा कि उन्होंने मौके पर कनिष्ठ अभियंता को भेजकर जांच करवाई। जो पत्थर गिर चुके या जो गिरने की कगार पर हैं उन सभी की मरम्मत की जाएगी। फिलहाल चेतावनी बोर्ड लगा दिए है। अगले दो या तीन दिनों में मरम्मत का काम शुरू हो जाएगा।