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संत और महापुरुष जाति या धर्म के नहीं, बल्कि पूरे समाज की धरोहर : नायब सैनी

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नई अनाज मंडी में आयोजित राज्य स्तरीय भीष्म जयंती समारोह को संबोधित करते मुख्यमंत्री नायब सिंह स
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कुरुक्षेत्र। थानेसर अनाज मंडी में श्रद्धेय स्वामी भीष्म महाराज के स्मृति दिवस पर प्रदेश स्तरीय समारोह आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मुख्यमंत्री ने स्वामी भीष्म महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने स्वामी जी के सामाजिक और आध्यात्मिक योगदानों की सराहना की और बताया कि उन्होंने 228 पुस्तकें लिखीं और बाल विवाह, अशिक्षा, नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध आंदोलन चलाया।
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उन्होंने कहा कि संत और महापुरुष जाति या धर्म के नहीं, बल्कि पूरे समाज की धरोहर होते हैं। उनकी शिक्षाओं और विचारों को संत-महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार योजना के तहत जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पांचाल समाज और ओबीसी वर्ग के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं तथा समाज को राजनीतिक भागीदारी का भरोसा दिलाते हुए कहा कि अब चिंता की जरूरत नहीं है, समाज को उसका हक जरूर मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाई गई प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत देशभर में 13,000 करोड़ रुपये का बजट औजार खरीदने के लिए रखा गया है। इस योजना में कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण के साथ कम ब्याज पर लोन भी दिया जाएगा। हरियाणा में भी योजना लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि प्रजापत समाज को मिट्टी के बर्तन बनाने का कारोबार करने के लिए प्रदेश के 1700 गांवों में जमीन दी है। पिछडे़ वर्गों के उत्थान व कल्याण के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाया है। ओबीसी को मेडिकल एजुकेशन में अखिल भारतीय कोटे की सीटों में आरक्षण दिया गया है। केंद्र सरकार ने विश्वकर्मा जयंती को राष्ट्रीय श्रम दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसे हरियाणा में भी हर साल राष्ट्रीय श्रम दिवस धूमधाम से मनाते हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पिछड़े वर्गों के कल्याण व उत्थान के लिए अनेक कदम उठाए हैं। पंचायती राज संस्थाओं में पिछड़ा वर्ग (ए) कोआठ प्रतिशत व पिछड़ा वर्ग (बी) को पांच प्रतिशत आरक्षण और पंच पद के लिए उनकी जनसंख्या के 50 प्रतिशत के अनुपात में आरक्षण दिया गया है।
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शहरी स्थानीय निकायों में भी पिछड़ा वर्ग-बी को मेयर-प्रधान के पदों में पांच प्रतिशत तथा सदस्यों के लिए संबंधित पालिका में उनकी जनसंख्या के 50 प्रतिशत के अनुपात में आरक्षण दिया गया है। प्रदेश में पिछड़े वर्गों के लिए क्रीमिलेयर की आय सीमा पहले छह लाख रुपये वार्षिक से बढ़ाकर आठ लाख रुपए कर दिया है। इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, भाजपा जिलाध्यक्ष तिजेंदर सिंह गोल्डी, हरियाणा विश्वकर्मा पांचाल समाज सुधार सभा अध्यक्ष साहब सिंह खरींडवा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
पांचाल समाज मेहनतकश और जुझारू
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि महापुरुष तप और सेवा से समाज को एकजुटता और विकास का मार्ग दिखाते हैं। नई शिक्षा नीति से युवाओं के भविष्य की सही दिशा तय की गई है। मुख्यमंत्री सैनी तीन गुना गति से प्रदेश का विकास कर रहे हैं। पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि पहले की सरकारों ने पांचाल समाज की उपेक्षा की थी, लेकिन अब समाज को उसका हक मिल रहा है। यह समाज मेहनतकश और जुझारू है, जो राष्ट्र निर्माण में अहम भागीदारी निभा रहा है।
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