फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भागवत बोले चाहे आप ना बुलाना, भैया जी कहेंगे तो कुरुक्षेत्र आना ही होगा....

विज्ञापन
RSS Superitendent Mohan Bhagvat in Kurukhetra - फोटो : Kurukshetra
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। चाहे आप ना बुलाना,अगर अगर भैयाजी कहेंगे तो फिर मुझे फिर कुरुक्षेत्र आना ही होगा...यह कहते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डा.मोहन राव भागवत जोर से खिलखिलाये। कुरुक्षेत्र में पांच दिन का प्रवास पूरा होे के बाद कार्यकर्ताओं से विदाई ले रहे थे। कुरुक्षेत्र के बाद उनका अगला प्रवास बंगलूरू में होगा। इस गंतव्य के लिये भागवत मंगलवार को तीन बजे कुरुक्षेत्र से रवाना हुए। कुरुक्षेत्र प्रवास के दौरान उन्होंने पांच राज्यों के विभिन्य दायित्व प्रमुखों के साथ अलग-अलग सत्रों में बैठक की। वहीं संघ की इस उत्तर क्षेत्रीय बैठक के अंतिम दिन उन्होंने जम्मू कश्मीर,हिमाचल,पंजाब,हरियाणा और दिल्ली के धर्मगुरुओं के साथ मंत्रणा की। इनमें हरिद्वार निर्मल अखाड़ा के हरिदास,अग्नि अखाड़ा के सचिव संपूर्णानंद,हरियाणा कैलरम से योगीराज दिव्यानंद,परमानंदगिरी,सहजानंद महाराज सहित 35 संत महात्मा बताये गये हैं। इनमें 10 हरियाणा,4 जम्मू कश्मीर,पांच हिमाचल तथा अन्य पंजाब एवं दिल्ली के शामिल हैं। हालांकि संघ की ओर से जिन संत महात्माओं ने इस बैठक में शिरकत की, उनके नामों को गुप्त रखा गया है। इनमें संतों से मंत्रणा और दोपहर के भोजन के उपरांत संघ प्रमुख मंगलवार बाद दुपहर तीन बजे दिल्ली एयरपोर्ट के लिये रवाना हुए।
विज्ञापन

इस दौरान संघ प्रमुख को विदा करने के लिये काफी संख्या में यहां मौजूद पांच राज्यों के क्षेत्र कार्यवाह सीताराम व्यास के अलावा प्रचारक एवं टीम के प्रमुख प्रतिनिधि मौजूद रहे। जब डा.मोहनराव भागवत मुस्कुराते हुए बोले कि आप लोगों ने मेरे जिम्मे जो काम सौंपा था,वह मैने कर लिया ना ? अब कोई और सुझाव हो तो वो बताओ ? यह सुनते ही उत्तर क्षेत्र के कार्यवाह सीताराम व्यास बोले कि सुझाव तो यही है कि आप जल्द कुरुक्षेत्र के लिये पधारें। इस पर डा.मोहनराव भागवत ने ठहाका लगाकर हंसते हुए कहा कि सरकार्यवाह (भैया जी जोशी) अगर कहेंगे तब आना ही होगा,फिर चाहे आप नहीं भी बुलाएंगे तब भी कुरुक्षेत्र तो आऊंगा।
संपूर्णानंद ने भागवत को दिया महादेव का प्रसाद
संघ प्रमुख के प्रवास के अंतिम दिन 35 धर्मगुरुओं के साथ करीब चार घंटे तक बैठक हुई। जिसमें धर्म,संस्कृति और समरसता के साथ राष्ट्रवाद एवं हिंदुत्व पर भी चर्चा हुई। इस मौके पर अग्नि अखाड़ा के सचिव संपूर्णानंद ब्रह्मचारी महाराज ने संघ प्रमुख को महादेव का प्रसाद भेंट किया।
विज्ञापन

आरएसएस प्रमुख का चार साल में तीसरा दौरा
पिछले चार साल में संघ प्रमुख का कुरुक्षेत्र में यह तीसरा दौरा था। हालांकि इससे पहले संघ की राष्ट्रीय स्तर की प्रतिनिधि सभा-2010 और उसके पहले एवं बाद में भी मोहन भागवत कुरुक्षेत्र में प्रवास कर चुके हैं,लेकिन पांच मार्च 2016 में गीता ज्ञान संस्थानम के भूमि पूजन, नवंबर 2017 में गीता जन्मस्थली ज्योतिसर में भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरुप के शिलान्यास के बाद उनका पांच दिन का यह पहला प्रवास रहा।
भागवत करेंगे 10 करोड़ से बन रहे विराट स्वरूप का अनावरण
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा के मुताबिक विश्व प्रसिद्ध मूर्तिकार रामसुतार के पुत्र अनिल सुतार ज्योतिसर में लगने वाली श्रीकृष्ण के विराटरुप की भव्य एवं विशालमूर्ति तैयार कर रहे हैं। ज्योतिसर गीता जन्मस्थली तीर्थ पर स्थापित की जाने वाली यह मूर्ति 10 करोड़ रुपये की कीमत से तैयार कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के इस विराट स्वरुप वाली प्रतिमा का अनावरण भी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत ही करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें