कुरुक्षेत्र। हरियाणा रोडवेज बस। संवाद
कुरुक्षेत्र। रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी मांगों के संबंध में एक बार फिर हुंकार भर दी है। इसके लिए कर्मचारी जल्द ही रूपरेखा बनाकर प्रदेश स्तरीय आंदोलन में करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि कर्मचारी साझा मोर्चा के आह्वान पर इस बार 20 मई को रोहतक में एकजुट होंगे और विभाग में चल रही कर्मचारी संबंधी दिक्कतों और रोडवेज पर प्राइवेटाइजेशन नीति थोपने की तैयारी के विरोध में आवाज बुलंद करेंगे।
कुरुक्षेत्र डिपो के कर्मियों के बीच भी इस संबंध में बैठक करने और समर्थन देने के लिए बातचीत शुरू हो चुकी है। कर्मचारियों ने बताया कि प्रदेश सरकार रोडवेज विभाग को निजी हाथों में सौंपने के लिए व्यवस्था करने पर उतारू हो चुकी है। सरकार ने हाल ही में एक हजार बसें रोडवेज के बेड़े में शामिल करने का निर्णय लिया है, जिसमें से आधी यानी 500 बस प्राइवेट होंगी। इसी के विरोध में साझा मोर्चे के आह्वान पर वह 20 मई को रोहतक पहुंचकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे और सर्वसम्मति से आगामी निर्णय लिया जाएगा।
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के डिपो प्रधान नरेंद्र पांचाल ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर चार-पांच साल से लगातार बात चल रही है। सरकार ने मांगें पूरी करने का वादा भी किया, लेकिन गंभीरता नहीं दिखाई। विभाग में इलेक्ट्रिक बस बहुत ऊंचे दामों पर निजी कंपनियों से खरीदकर सरकारी व्यवस्था को प्रभावित किया जा रहा है। रोडवेज कर्मचारी इसके पूरी तरह खिलाफ हैं। इससे युवा पीढ़ी के सामने पक्के रोजगार का संकट खड़ा होने के अलावा आम यात्रियों की जेब पर भी असर पड़ेगा। निजी बस संचालकों की तानाशाही पहले की बढ़ी हुई है। आगे और भी गंभीर स्थिति पैदा होगी। सरकार का निजीकरण को बढ़ावा देने का यह रवैया ठीक नहीं है। सचिव रणजीत करोड़ा ने कर्मचारियों से 20 मई को अधिकाधिक संख्या में रोहतक पहुंचने की अपील की। संवाद