कुरुक्षेत्र। पत्रकारों से बातचीत करते हुए संत गोपाल दास। संवाद
कुरुक्षेत्र। गांव और शहरों की सड़कों पर बड़ी संख्या में बेसहारा गोवंश घूम रहे हैं। इन गोवंश पर लंपी बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। इनकी न तो कोई जांच हो रही है और न ही उचित रखरखाव किया जा रहा है। गो संरक्षण में अनेक वर्षों से लगे संत गोपालदास ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जाट धर्मशाला में पत्रकारों से बात करते हुए यह बात कही। संत गोपालदास ने बताया कि सरकार और प्रशासन इन गोवंश को संरक्षित कर गोशालाओं तक नहीं पहुंचा पा रहा है। इन बेसहारा पशुओं से हर समय सड़क हादसों का खतरा बना रहता है। ये गोवंश खुद भी हादसों का शिकार हो रहे हैं। लंपी बीमारी एक बार फिर फैल रही है।
बीमारी और बचाव की अपील
पालतू और गोशालाओं में मौजूद गोवंश की जांच और टीकाकरण हो रहा है लेकिन सड़कों पर घूम रहे गोवंश की कोई संभाल नहीं है। ऐसे में वे खुद बीमार हो सकते हैं और बीमारी को और फैला सकते हैं। संत गोपालदास ने प्रशासन, सरकार और गो सेवकों से आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे गोवंश को बचाया जा सकेगा और बीमारी पर अंकुश लगेगा।
बेसहारा गोवंश का नहीं हुआ टीकाकरण : डॉ. विकास
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. विकास शर्मा का कहना है पालतू व गोशालाओं में गोवंश का टीकाकरण किया जा चुका है लेकिन अभी बेसहारा घूम रहे गोवंश का अभी टीकाकरण नहीं किया जा सका है। नगर निकाय इन गोवंश को गोशालाओं में पहुंचाता है, जहां पर विभाग की टीम जाकर जांच करती है और टैग भी लगाया जाता है।