संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। जिले भर की मस्जिदों में रोजेदारों और नमाजियों ने पूरे उत्साह के साथ रमजान के तीसरे जुमे की नमाज अदा की। चीनी जामा मस्जिद में दोपहर साढ़े 12 बजे से नमाजी मस्जिद में एकत्रित होना शुरू हो गए। दोपहर डेढ़ बजे से पौने दो बजे तक रोजेदारों ने नमाज अदा की। इस दौरान मस्जिद रोजेदार व नमाजियों से खचाखच भर गई।
मुस्लिम जन कल्याण ट्रस्ट के जिला अध्यक्ष लियाकत अली ने बताया कि इस्लाम में जुमे की नमाज बेहद खास होती है। रमजान माह में जरूरतमंदों की सेवा, मदद और अच्छे काम करने से 70 गुना सवाब (पुण्य) मिलता है। इस्लाम में रोजा एक फर्ज है, जिसे बच्चे, नौजवान और बुजुर्ग जरूर रखते हैं। रोजा रखने का मतलब सिर्फ भूखे प्यासे रहना नहीं है, बल्कि खुदा की पनाह में जाना है।
रोजेदार को अपनी आंखों, अपनी जुबान और कानों का भी रोजा रखना ताकि वह किसी की तरफ गलत निगाह न डालें और न ही अपनी जुबान से किसी तकलीफ पहुंचाए। शाम को मगरिब की नमाज अदा की गई। इसके बाद इफ्तार का आयोजन किया गया, जिसमें रोजेदारों ने रोजा खोला। इस मौके पर निसार खान, शोखावत, कादिर, मोहम्मद कासिम, नौशाद, फिरोज हुसैन, मोहम्मद साबिर खान आदि मौजूद रहे।