कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। तीन दिन पहले नाली में गोबर डालने के विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया, जिसके चलते दो पक्षों में जमकर लाठी डंडे व तेजधार हथियार चले।
इस खूनी संघर्ष में एक सेवानिवृत फौजी की मौत हो गई व उसका भतीजा और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान तंगौर गांव के रहने वाले अशोक राणा के रूप में हुई। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनाें को सौंप दिया।
हमले में गंभीर रूप से घायलों में भतीजा विक्की व उसका दोस्त मंजीत शामिल है। पुलिस ने इस मामले में भतीजे विकास कुमार की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अशोक राणा व आरोपी आपस में चाचा ताऊ के बेटे हैं और उनके घर भी एक दूसरे के सामने हैं। इनमें नाली को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
तीन दिन पहले विक्की की अपने चाचा नरेंद्र के साथ उनके घर के सामने नाली में गोबर डालने पर कहासुनी हो गई थी लेकिन बाद में मामला शांत हो गया था। गुरुवार सुबह जब विक्की अपनी मोटरसाइकिल से निजी बैंक में ड्यूटी जा रहा था उसी समय नरेंद्र ट्रैक्टर लेकर सामने आया और रास्ता रोककर डंडे से हमला कर दिया। शोर सुनकर नरेंद्र का भाई रविंद्र उर्फ बच्ची और विजय तलवार व भाला लेकर वहां पहुंचे और जानलेवा हमला कर दिया। विक्की का शोर सुनकर मौके पर पहुंचे सेवानिवृत फौजी अशोक राणा और मंजीत भी हमलावरों के निशाने पर आ गए।
आरोप है कि इसी बीच नरेंद्र ने अपने हाथ में पकड़ा भाला अशोक राणा की छाती में घोंप दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा इसके बाद हमलावरों ने मंजीत पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले के बाद तीनाें घायलों को आदेश मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां अशोक को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया व विक्की को उपचार के बाद छुट्टी देकर घर भेज दिया और मंजीत के पेट में भाला लगने के कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई है और वह अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।