इस वर्ष इस महोत्सव में 30 विधाओं के माध्यम से 2000 से अधिक युवा कलाकार भाग ले रहे हैं। पहली बार इस महोत्सव में हरियाणवी कोरियोग्राफी विधा को प्रतियोगिता का हिस्सा बनाया गया है।
युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. तेजेंद्र शर्मा ने मेहमानों का आभार प्रकट किया। उन्होेंने कहा कि रत्नावली हरियाणा की संस्कृति का एक ऐसा महोत्सव है जिसके लिए प्रदेश के सभी लोक कलाकार वर्ष भर इंतजार करते हैं। मैं ऐसे सभी कलाकारों को उत्साह, जोश व उनकी ऊर्जा के लिए उनका अभिनंदन करता हूं।
उन्होंने कहा कि रत्नावली हरियाणा के जन-जन तक पहुंचे इसलिए इस बार रत्नावली महोत्सव को डिजिटल रत्नावली बनाने का प्रयास किया गया है। डिजिटल, ग्रीन व अनुशासनशील रत्नावली इस बार का मुख्य संदेश है। यूनिवर्सिटी सांस्कृतिक परिषद् के अध्यक्ष डॉ. हरि प्रकाश शर्मा ने भी अपने विचार प्रकट किए। रत्नावली के मुख्य मंच का संचालन संगीत विभाग के शिक्षक डॉ. अशोक शर्मा ने किया।
उद्घाटन सत्र में आर्य पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों ने रसिया की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। विभिन्न कालेजों से आए छात्रों ने अपनी प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब वाहवाह लूटी। इस मौके पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. पवन शर्मा, एसडीएम लाडवा अनिल यादव, डॉ. हितेन्द्र त्यागी सहित डीन, डायरेटर, अधिकारी, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी, वालंटियर, विद्यार्थियों सहित अन्य लोग मौजूद रहे।