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'देश- विदेश में हरियाणवी संस्कृति की अनूठी छाप छोड़ रहा है कुरुक्षेत्र का रत्नावली महोत्सव'

Sun, 03 Nov 2019 03:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
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केंद्रीय मंत्री रतन लाल कटारिया ने रत्नावली महोत्सव का शुभारंभ किया। - फोटो : अमर उजाला
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रत्नावली महोत्सव देश विदेश में हरियाणवी संस्कृति की अनूठी छाप छोड़ रहा है। इससे हरियाणवी संस्कृति को एक नई पहचान मिली है। विदेश में भी लोग इस महोत्सव के शुरू होने का इंतजार करते हैं। ये विचार केंद्रीय जलशक्ति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रत्नलाल कटारिया ने शनिवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आडिटोरियम में युवा सांस्कृतिक एवं कार्यक्रम विभाग की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय रत्नावली महोत्सव में युवाओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आठ विधाओं और 300 कलाकारों से शुरू होने वाला चार दिवसीय रत्नावली महोत्सव विश्व में हरियाणवी संस्कृति का परचम फहरा रहा है। इस महाकुंभ में अब 30 विधाओं में 2000 से ज्यादा कलाकार अपनी भागेदारी सुनिश्चित कर रहे हैं। इस महोत्सव में युवा पीढ़ी के उत्साह को देखकर एक सुखद अहसास भी होता है कि आज युवा पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति से दूर हटकर हरियाणवी संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज प्राचीन संस्कृति और संस्कारों को अपनाने की जरूरत है। ये महोत्सव नैतिक मूल्यों का भी अहसास युवा पीढ़ी को करवा रहा है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने मेहमानों और प्रदेश के कोने-कोने से आए कलाकारों का स्वागत करते हुए कहा कि यहां 1985 से इस समारोह का निरंतर आयोजन हो रहा है। शुरुआत में आयोजित इस समारोह में 8 विधाओं में 300 कलाकार भाग लेते थे।

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इस वर्ष इस महोत्सव में 30 विधाओं के माध्यम से 2000 से अधिक युवा कलाकार भाग ले रहे हैं। पहली बार इस महोत्सव में हरियाणवी कोरियोग्राफी विधा को प्रतियोगिता का हिस्सा बनाया गया है।

युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. तेजेंद्र शर्मा ने मेहमानों का आभार प्रकट किया। उन्होेंने कहा कि रत्नावली हरियाणा की संस्कृति का एक ऐसा महोत्सव है जिसके लिए प्रदेश के सभी लोक कलाकार वर्ष भर इंतजार करते हैं। मैं ऐसे सभी कलाकारों को उत्साह, जोश व उनकी ऊर्जा के लिए उनका अभिनंदन करता हूं।

उन्होंने कहा कि रत्नावली हरियाणा के जन-जन तक पहुंचे इसलिए इस बार रत्नावली महोत्सव को डिजिटल रत्नावली बनाने का प्रयास किया गया है। डिजिटल, ग्रीन व अनुशासनशील रत्नावली इस बार का मुख्य संदेश है। यूनिवर्सिटी सांस्कृतिक परिषद् के अध्यक्ष डॉ. हरि प्रकाश शर्मा ने भी अपने विचार प्रकट किए। रत्नावली के मुख्य मंच का संचालन संगीत विभाग के शिक्षक डॉ. अशोक शर्मा ने किया।

उद्घाटन सत्र में आर्य पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों ने रसिया की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। विभिन्न कालेजों से आए छात्रों ने अपनी प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब वाहवाह लूटी। इस मौके पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. पवन शर्मा, एसडीएम लाडवा अनिल यादव, डॉ. हितेन्द्र त्यागी सहित डीन, डायरेटर, अधिकारी, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी, वालंटियर, विद्यार्थियों सहित अन्य लोग मौजूद रहे। 
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