कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में हरियाणवीं संस्कृति को संजोने का काम कर रहा रत्नावली महोत्सव अब अंतरराष्ट्रीय स्वरूप लेने लगा है। 35 साल पहले महज पांच विधाओं से शुरु यह उत्सव अब 35 विधाओं तक पहुंच चुका है। इस बार 28 से 31 अक्तूबर तक विश्वविद्यालय 36 वां रत्नावली उत्सव मनाने जा रहा है, जिसमें 35 विधाओं में तीन हजार से अधिक कलाकार अपनी प्रतिभा से हरियाणवी संस्कृति की झलक दिखाएंगे। उत्सव के बदलते स्वरूप के कारण ही अब इसे हरियाणवी संस्कृति का महाकुंभ भी कहा जाने लगा है।
सबसे पहले हरियाणा गठन के वर्ष ही समारोह की शुरुआत हरियाणा दिवस के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम के तौर पर की गई थी, जो कि विश्वविद्यालय स्तर पर ही होता था। इसी कड़ी को को आगे बढ़ाते हुए 1985 में सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम का नाम रत्नावली रखा गया। युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से इसे हरियाणवी सांस्कृतिक के महाकुंभ का रूप दिया गया। इस दौरान पांच विधाओं का मंचन किया जाता था, जिसमें हरियाणवीं रागनी, भजन, नृत्य, स्किट व हरियाणवीं आर्केस्ट्रा होती थी। इसके बाद 2015 में महोत्सव को श्रीमद्भगवद् गीता सदन से बाहर निकाल लघु हरियाणा के रूप में धरोहर के बाहर परिसर में स्थापित किया जाने लगा । इसी दौरान हरियाणवीं खान-पान को भी जोड़ा गया, जिसका जायका सभी दर्शकों को मिल रहा हैं। प्रत्येक वर्ष एक विधा जुड़ती गई और आज इस महाकुंभ में 35 विधाओं में तीन हजार से ज्यादा कलाकार अपनी प्रतिभा को प्रस्तुत कर रहे हैं। संवाद
कई विधाओं को महोत्सव ने किया जीवित
रत्नावली महोत्सव ने हरियाणा की लुप्त होती प्राचीन विधाओं को पुर्नजीवित करने का प्रयास किया गया है तो वहीं युवाओं को अपनी लोक संस्कृति से जोड़ने का भी जिम्मा निभाया है। इसी के साथ रशिया, सांग, लूर, धमोड़ा मंच के साथ कई प्राचीन विधाओं को जीवित करने का काम किया है तो वहीं इस बार समारोह में हरियाणवीं बैंड देखने को मिलेगा और हरियाणवीं वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत होगी।
पहली बार महोत्सव का उद्घाटन करेंगे कलाप्रेमी
रत्नावली महोत्सव के इतिहास में पहली बार महोत्सव का उद्घाटन कलाप्रेमी करेंगे। इससे पहले आज तक वीआईपी और वीवीआईपी चेहरे ही करते आए है। मुख्य अतिथि हरियाणवी कलाकार और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मामन खां होंगे, जो कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। अति विशिष्ट अतिथि विधायक सुभाष सुधा होंगे और विशिष्ट अतिथि फिल्म अभिनेता जयदीप अहलावत और एसोसिएशन ऑफ हरियाणवी इन आस्ट्रेलिया के प्रधान सेवा सिंह होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा करेंगे।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि स्वदेशी जागरण मंच के सतीश और विशिष्ट अतिथि फिल्म अभिनेता गजेंद्र चौहान होंगे, जो विजेता विद्यार्थियों को प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में पुरस्कृत कर प्रोत्साहित करेंगे।
विदेश तक पहुंचेगी महोत्सव की झलक
इस बार रत्नावली महोत्सव का प्रदेश में ही नहीं विदेश में भी लाइव प्रसारण होगा। एसोसिएशन ऑफ हरियाणवी इन आस्ट्रेलिया की पांच सदस्यीय टीम इस समारोह में पहुंच रही है और यह चारों दिन महोत्सव का आनंद लेंगे तो वहीं ऑस्ट्रेलिया में हरियाणवीं कल्चर को बढ़ाने के लिए कर रहे कार्यों की प्रस्तुति भी लगाई जाएगी। महोत्सव में आस्ट्रेलिया का विशेष स्टॉल भी पहली बार लगाया जाएगा, जिस पर भी वहां के हरियाणवी लोगों की कला को प्रदर्शित किया जाएगा।
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सतीश कौशिक सहित कई फिल्मी चेहरे कर चुके महोत्सव में शिरकत
इस महोत्सव में फिल्मी जगत के कई अभिनेता शिरकत दे चुके हैं। अब तक जनार्धन शर्मा, जगबीर राठी, मेघना मलिक, यशपाल शर्मा, सुमित्रा हुड्डा, सतीश कौशिक, गजेंद्र फोगाट सहित कई कलाकार मंचन कर चुके हैं। इस बार महोत्सव में फिल्म अभिनेता जयदीप अहलवात, सुधीर पांडे, गजेंद्र चौहान, जगबीर राठी, लोक कलाकार महावीर गुड्डू पहुंच रहे हैं।