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रणजीत हत्याकांड: राम रहीम की दलीलें पूरी न होने पर अदालत अब 18 को सुनाएगी फैसला

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रणजीत हत्याकांड मामले में अदालत द्वारा मंगलवार को सजा पर फैसला नहीं सुनाया गया। बताया जा रहा है कि डेरा प्रमुख राम रहीम की दलीलें पूरी न होने के कारण फैसला नहीं सुनाया जा सका। अब सीबीआई की विशेष अदालत डेरा प्रमुख सहित पांचों दोषियों को 18 अक्तूबर को सजा सुनाएगी। इन सात दिनों तक रणजीत का परिवार कड़ी सुरक्षा में रखा जाएगा। उधर मंगलवार को भी गांव खानपुर कोलियों स्थित रणजीत के घर पर 9-10 पुलिसकर्मी तैनात रहे। सुरक्षा के मद्देनजर घर में किसी ग्रामीण को भी प्रवेश नहीं दिया गया। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि सुबह पंचकूला के लिए भी रणजीत के परिवार को स्पेशल सुरक्षा के बीच ले जाया गया। पीछे से घर पर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। इतना ही नहीं घर के बाहर भी संदिग्ध नजर आता तो उससे भी पूछताछ की जा रही थी। इस दौरान गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा नजर आया और ग्रामीण सुबह से लेकर शाम तक टीवी और इंटरनेट के माध्यम से लगातार कोर्ट के फैसले का इंतजार करते रहे। शाम साढ़े चार बजे तक कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाने की तारीख आगे बढ़ा दी। अमर उजाला से फोन पर बात करते हुए रणजीत सिंह के पुत्र जगसीर सिंह ने बताया कि अदालत द्वारा अब 18 अक्तूबर को फैसला सुनाया जाएगा। अदालत में दलीलें पूरी न होने के कारण आज सजा पर फैसला नहीं हो पाया। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का स्टेटमेंट ज्यादा लंबा था। सुबह 11 बजे अदालत चली थी। उसके बाद राम रहीम के अधिवक्ता को जेल में उससे मिलने के लिए एक घंटे का समय दिया गया। फिर अदालत दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक चली, उसके बाद लंच टाइम हो गया। लंच के बाद अदालत दोपहर पौने दो बजे से लेकर शाम के साढ़े चार बजे तक चली। शाम तक दलीलें पूरी नहीं हुए तो अदालत ने 18 अक्तूबर तक फैसला सुरक्षित रख लिया। गांव वापसी को लेकर जगसीर ने बताया कि अभी कुछ पता नहीं कि घर कब जाएंगे। सुरक्षा के मद्देनजर जो उचित होगा वो किया जाएगा।
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हत्याकांड में जब रणजीत के पिता ने डेरा प्रमुख राम रहीम सहित पांच के खिलाफ शिकायत दी थी तो परिजनों पर कई प्रकार का दबाव बनाया जाने लगा। मामले में उस समय कोर्ट के आदेश पर परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई। तब से लेकर अब तक परिवार की सुरक्षा में दो पुलिसकर्मी 24 घंटे तैनात रहते हैं। यदि परिजनों को कहीं भी आना जाना हो तो इन्हें साथ लेकर जाना पड़ता है।
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