कुरुक्षेत्र। किरमच गांव में दो जून को सर्कस देखने के दौरान बच्चों के विवाद के बाद हुई रामरत्न की हत्या के मामले में अभी भी गांव में तनाव बना हुआ है। आरोप है कि मृतक के परिजनों ने आरोपी पक्ष के कुनबे को गांव में प्रवेश करने से रोक रखा है, जिसके चलते कुनबे के लोग अपने रिश्तेदारों के पास रहने को मजबूर हैं। शुक्रवार को डीएसपी (शहर) ओमप्रकाश के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कुनबे के दो लोगों ने गांव में प्रवेश का प्रयास किया, लेकिन मृतक पक्ष के विरोध और हंगामे के बाद उन्हें वापस आना पड़ा।
गुस्साए कुनबे के लोगों ने न्याय की मांग लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय का रुख किया, जहां एसपी नीतीश अग्रवाल ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस ने इस मामले में अब तक छह आरोपियों को हिरासत में लिया है।
गर्भवती महिलाओं की स्थिति पर चिंता : आरोपी पक्ष के कुनबे ने शुक्रवार को एसपी कार्यालय के बाहर रोष जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक पक्ष द्वारा उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जबकि हत्या में शामिल सभी आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि कुनबे की दो गर्भवती महिलाओं को उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है, क्योंकि उनके सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज गांव में ही हैं।