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रजत हत्याकांड : नाबालिग आरोपी की जमानत अर्जी खारिज

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कुरुक्षेत्र। जिला अतिरिक्त व सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार की अदालत ने एक नाबालिग आरोपी की दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला एक सनसनीखेज हत्याकांड से संबंधित है।
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26 अक्टूबर 2022 को कृष्णा गेट थाना में आरोपी और अन्य सह-आरोपियों पर रजत नामक व्यक्ति का अपहरण करने, उससे मारपीट कर घायल करने और फिर बेहोशी की हालत में भाखड़ा नहर में फेंकने के आरोप लगे। भाखड़ा नहर में फेंकने के कारण रजत की मृत्यु हो गई।
इसके बाद आरोपी नाबालिग पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 365 (अपहरण), 201 (साक्ष्य नष्ट करना), 341 (गलत बंधन), और 34 (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया गया। किशोर न्याय बोर्ड ने जांच के बाद निष्कर्ष निकाला कि 17 वर्षीय नाबालिग में अपराध करने की मानसिक और शारीरिक क्षमता थी और उसे वयस्क के रूप में मुकदमा चलाने के लिए बाल न्यायालय में भेजा गया। आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि आरोपी लगभग तीन वर्षों से हिरासत में है और अभियोजन पक्ष के 54 में से 31 गवाहों की जांच हो चुकी है, जिनके बयान अभियोजन के दावों को कमजोर करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। दूसरी ओर लोक अभियोजक प्रदीप मलिक ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि अपराध की गंभीरता और सामाजिक जांच रिपोर्ट में शराब की लत और अवांछनीय संगति की बात सामने आने से रिहाई जोखिम भरी हो सकती है। न्यायाधीश ने अपराध की गंभीरता, सामाजिक जांच रिपोर्ट की नकारात्मक टिप्पणियों और पिछले जमानत आवेदन के खारिज होने के बाद परिस्थितियों में बदलाव न होने का हवाला देते हुए याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि रिहाई से आरोपी के नैतिक और मनोवैज्ञानिक जोखिम में पड़ने की आशंका है, जो न्याय के उद्देश्य को प्रभावित कर सकता है।
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