कुरुक्षेत्र। एक तरफ मौसम की मार तो दूसरी तरफ बिकवाली के लिए मंडी में पहुंचे धान का उठान न होने से किसानों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सोमवार को हुई बारिश में मंडियों में बिकवाली के लिए पहुंचा किसानों का धान भीग गया। अब तक मंडियों में पहुंचे 3,63,668 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है जिसमें से 70 फीसदी 2,54,425 मीट्रिक टन का ही उठान हो पाया है। बाकी 30 फीसदी धान उठान के अभाव में मंडियों में पड़ा है। सोमवार को जिले की मंडियों में 6,78,46 मीट्रिक टन धान की आवक हुई।
जिले में धान की खरीद करने के लिए 22 खरीद केंद्र व मंडियां स्थापित की गई हैं। इन मंडियों से खाद्य आपूर्ति, हैफेड, एफसीआई और हरियाणा वेयर हाउस काॅर्पोरेशन की तरफ धान की खरीद का कार्य किया जा रहा है।
बरसात ने फेरा किसानों के अरमानों पर पानी : लाडवा अनाज मंडी में पहुंचे किसान मानसिंह डूडी, जसपाल बरेडी, लाभसिंह, कर्म सिंह, अमर सिंह ने कहा कि धान की फसल लेकर अनाज मंडी आए थे। सुबह के समय मौसम साफ था, धान को ट्रॉली से नीचे उतार दिया। दोपहर बाद बारिश होने से धान की फसल भीग गई। किसानों ने कहा कि इस बार बारिश किसानों के अरमानों पर पानी फेर रही है। पहले ही बारिश के कारण पैदावार कम हुई, अब कटाई के समय होने वाली बारिश से किसानों को और परेशानी होगी।
किसानों को हो रहा प्रति एकड़ 20 हजार का नुकसान : रामधारी भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप के जिला प्रधान रामधारी भूरा ने कहा कि पहले बाढ़ व अब बेमौसमी बरसात से किसान खून के आंसू रोने को मजबूर हैं। कई वर्षों से 35 क्विंटल प्रति एकड़ से ज्यादा निकलने वाली पीआर धान की उपज घटकर 25 क्विंटल प्रति एकड़ रह गई है। इससे किसानों को 20 हजार प्रति एकड़ का नुकसान हो रहा है।
खेतों में बिछी धान की फसल, मंडी में पड़ा 20 हजार क्विंटल धान भीगा :इस्माईलाबाद क्षेत्र में बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल बिछ गई। वहीं मंडी में पहुंचा करीब 20 हजार क्विंटल धान बारिश में भीग गया। किसान अनिल कुमार, विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि बेमौसमी बरसात के चलते धान की फसल खेतों में बिछ गई है।
बाबैन। अनाजमंडी में बरसात के दौरान तरपालों से ढकी हुई धान की ढेरियां। संवाद
बाबैन। अनाजमंडी में बरसात के दौरान तरपालों से ढकी हुई धान की ढेरियां। संवाद
बाबैन। अनाजमंडी में बरसात के दौरान तरपालों से ढकी हुई धान की ढेरियां। संवाद