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फिर लापरवाही की भेंट चढ़ा लाखों का गेहूं

Sun, 30 Apr 2017 11:49 PM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
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crop market - फोटो : अमर उजाला
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प्रशासन और उठान एजेंसियों की लापरवाही के चलते एक बार फिर अनाज मंडी में लाखों का गेहूं बारिश में भीग गया। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ तो वहीं भीगे गेहूं को सुखाने के लिए मजदूर दिन भर जुटे रहे। रविवार अल सुबह करीब चार बजे अचानक ही तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे भले ही मौसम खुशगवार हो गया हो, लेकिन नई अनाज मंडी में उठान की बाट जोह रहा लाखों रुपये का गेहूं भीग गया। हालांकि कई आढ़तियों की ओर से मजदूरों द्वारा गेहूं को ढांपने के प्रयास भी किए गए, लेकिन अल सुबह का समय होने के चलते पूरी गेहूं नहीं ढकी जा सकी और बारिश में भीग जाने से गेहूं खराब होने की भी आशंका जताई जा रही है।
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गनीमत रही कि मंडी में गेहूं की आवक लगभग निपटने के चलते उठान के लिए गेहूं अधिक मात्रा में नहीं था, लेकिन आढ़तियों की मानें तो करीब एक लाख कट्टे बारिश के समय मंडी में उठान के लिए पड़े हुए थे तो शनिवार को आई गेहूं की कुछ खुली ढेरियां भी छोड़ी हुई थी। एकाएक ही कुछ समय के लिए आई तेज बारिश के चलते यह भी गनीमत रही कि मंडी में अब गेहूं के जाम जैसी स्थिति नहीं रही और पानी गेहूं के कट्टों के लगे टैगों से जल्द निकल गया। वहीं भीगी गेहूं को सुखाने के लिए मजदूर दिन भर लगे रहे। सुबह से ही हल्की खिली रही धूप के चलते कुछ राहत भी मिल पाई। बता दें कि पिछले रविवार को भी प्रशासन व उठान एजेंसियों की लापरवाही के चलते ही करोड़ों का गेहूं बारिश में भीग गया था। हालांकि उस दौरान मंडी में भारी मात्रा में गेहूं जमा थी और ऐसे में बारिश के चलते गेहूं भीग जाने पर भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया और अब फिर गेहूं लापरवाही के चलते बारिश में भीग गई।

उठान तेज होता तो बच जाता गेहूं
अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के महासचिव टेक सिंह का कहना है कि उठान कार्य शुरू से ही तेज रहता तो इतनी मात्रा में गेहूं नहीं भीग पाती। पिछले कई दिनों से गेहूं की आवक न के बराबर ही रह गई है, इसके बावजूद अभी भी गेहूं के कट्टों के अनेकों जगहों पर टैग लगे हुए है, जिनमें करीब एक लाख कट्टे जमा है।
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उठान एजेंसियों की रही लापरवाही : सचिव
मार्केट कमेटी सचिव राहुल मियो का कहना है कि गेहूं उठान का कार्य एजेंसियों का है और उनकी लापरवाही के चलते ही गेहूं का उठान कार्य तेज नहीं हो पाया। इसी के चलते ही अधिक मात्रा में गेहूं भीगी है, लेकिन यह भी अच्छी बात रही कि बारिश कम मात्रा में ही हुई। उन्होंने शनिवार को भी उठान एजेंसियों को मौसम खराब होने को लेकर आगाह कर दिया था तो उठान कार्य तेज करने के निर्देश भी दिए थे।

थानेसर में रही सबसे अधिक बारिश
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि थानेसर में सबसे अधिक 13 एमएम बारिश हुई तो वहीं लाडवा में 11, शाहाबाद में 5, बाबैन में 2.2 तथा इस्माईलाबाद में 2 एमएम बारिश हुई है।

गर्मी से मिली राहत
बारिश होने से पिछले कई दिनों से पड़ रही गर्मी से कुछ राहत मिल पाई है। जहां शनिवार को भी हल्के बादल छाए रहे थे तो वहीं रविवार अल सुबह हुई बारिश के चलते दिन भर ठंडी हवाएं चलती रही, जिससे लोगों ने काफी राहत महसूस की।
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