लाडवा। अनाजमंडी में पिछले कई दिन से पीआर धान की आवक लगातार बढ़ती जा रही है। आंकड़ों के अनुसार मंडी में सात हजार मीट्रिक टन से अधिक धान बिकने के लिए पहुंच चुकी है, लेकिन सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण धान की फसल खुले में पड़ी है। सोमवार को हुई बारिश ने किसानों और आढ़तियों की चिंता और बढ़ा दी।
वहीं मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी धान की फसल को बारिश से बचाने के लिए किसान तिरपाल डालकर उसे ढकते नजर आए। किसानों को चिंता सता रही है कि यदि बारिश लगातार जारी रही तो उनकी मेहनत की कमाई पर पानी फिर सकता है। किसानों का कहना है कि करीब तीन से चार महीने की कड़ी मेहनत के बाद धान की फसल तैयार कर वे मंडी में लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां खरीद शुरू नहीं होने के कारण उन्हें अपनी फसल को खुले में रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। संवाद