लाडवा। अनाजमंडी में बरसात के दौरान तरपालों से ढकी हुई धान की ढेरियां। संवाद
कुरुक्षेत्र। वीरवार को मौसम में बदलाव के चलते दिनभर किसानों की चिंता बढ़ी रही। कहीं हल्की बूंदाबांदी तो कहीं तेज बारिश भी हुई। बाबैन अनाज मंडी में बारिश के चलते धान भीग गई जिससे अनाज के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। बारिश शुरू होते ही किसान और आढ़ती अपनी-अपनी ढेरियों को बचाने के लिए तिरपाल व प्लास्टिक की चादरों से ढकने में जुट गए लेकिन तेज बारिश और हवाओं के कारण कई जगह ये इंतजाम नाकाफी साबित हुआ।
मंडी में जगह-जगह पानी भरने से अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। अनाज मंडी के प्रधान जगदीश ढिंगरा, कोषाध्यक्ष कौशल सैनी, नायब पटाकमाजरा, उपदेश शर्मा, कृष्ण गोयल, संजय संघौर ने कहा कि इस बार बरसात अधिक होने के कारण किसानों की धान की फसल की पैदावार कम हुई है और बरसात से धान भीगने पर किसानों को नुकसान पहुंचने का अंदेशा बना हुआ है। आढ़तियों व किसानों ने प्रदेश सरकार से अपील करते हुए कहा कि सरकार की ओर से जल्द से जल्द धान की खरीद प्रक्रिया शुरू करवाई जाए ताकि किसानों व व्यापारियों को राहत मिल सके।
मंडी के आढ़तियों ने कहा कि बरसात के मौसम में अनाज मंडी में ढेरों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे में अगर खरीद जल्द शुरू होगी तो किसानों व आढ़तियों को राहत मिलेगी।
लाडवा। अनाजमंडी में बरसात के दौरान तरपालों से ढकी हुई धान की ढेरियां। संवाद