कुरुक्षेत्र। आसमान से बरसती बूंदें भी मां के भक्तों की आस्था को नहीं डिगा सकीं। जयकारों, ढोल-नगाड़ों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीदेवीकूप मां भद्रकाली मंदिर में शारदीय नवरात्र के पहले दिन 15 दिवसीय शक्ति महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। मां की पावन ज्योति के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़े। करीब 5100 कलशधारी महिलाओं की अगुवाई में निकलीं ज्योति परिक्रमा और 27 भव्य रथों ने धर्मनगरी को भक्तिमय कर दिया।
खास बात ये रही कि इस बार पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा परिवार ने मां भद्रकाली को सवा दो किलो चांदी से निर्मित गोल्ड प्लेटेड पोशाक अर्पित कर गहरी आस्था दर्शायी। महोत्सव के तहत सुबह मंगला आरती और कलश पूजन के बाद गणेश द्वार तथा 108 फुट ऊंचे स्वर्णिम गुंबद पर ध्वजारोहण किया गया। दोपहर में मां भद्रकाली के उत्सव श्रीविग्रह को विशेष पालकी में विराजमान कर ज्योति रथ पर स्थापित किया। स्वामी ज्ञानानंद सहित संत-महात्माओं ने ज्योति पूजन किया।
शोभायात्रा से जुड़ी मुख्य बातें
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने पालकी उठाकर शोभायात्रा का शुभारंभ कराया। सुधा ने घोषणा करते हुए कहा कि पुराने बस अड्डे से मां भद्रकाली मंदिर तक जाने वाले झांसा रोड का नाम बदलकर मां भद्रकाली शक्तिपीठ मार्ग रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सैनी की पत्नी सुमन सैनी ने भी कार्यक्रम में शामिल होकर कन्या पूजन किया और आशीर्वाद लिया।
मां की ज्योति के साथ 500 ध्वज, 52 शक्तिपीठों के प्रतीक चांदी के 52 त्रिशूल और 104 विशेष जय मां छतरियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
भारत माता, श्रीगणेश, हनुमान, नवदुर्गा, महाकाली, महिषासुर मर्दिनी और राम दरबार सहित धार्मिक प्रसंगों पर आधारित रथ निकाले गए।
झांसी की रानी की झांकी ने भी नारी शक्ति के साहस का संदेश दिया। बैंड-बाजों और पंजाबी ढोल की धुनों पर श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते रहे।
जगह-जगह पुष्पवर्षा और प्रसाद वितरण कर ज्योति रथ का स्वागत किया गया।
शोभायात्रा कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधा के लिए एंबुलेंस तथा स्वच्छता के लिए सेवादार तैनात रहे।
नगर भ्रमण के बाद शाम छह बजे मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ मां की पावन ज्योति की पुनः स्थापना की गई।
कुरुक्षेत्र। रेलवे रोड पर शोभायात्रा के दौरान व्यवस्था में सहयोग करते मां भद्रकाली मंदिर के सेव