कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी की विश्व भर में पहचान पर्यटन नगरी के तौर पर किए जाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, जिसके पीछे करोड़ों की परियोजनाएं हैं। ये सिरे चढ़ी तो धर्मनगरी की तस्वीर बदलेगी लेकिन अभी यह दूर की बात ही है।
फिलहाल फाइलों में ही धर्मनगरी को पयर्टन के पंख लगाए जा रहे हैं, जिसके लिए एकमात्र महाभारत अनुभव केंद्र को ही ढाल बनाया जा रहा है। अनेक बड़ी परियोजनाएं आज तक फाइलों से धरातल पर नहीं उतर पाई है। हालांकि अभी और भी नई परियोजनाएं लाए जाने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन वास्तविकता में पहले की कई परियोजनाएं भी दम तोड़ रही है।
पांच साल से प्रदेश का एकमात्र कल्पना चावला तारामंडल का शो ठप : धर्मनगरी में विज्ञान को बढ़ावा देने व स्कूल से लेकर युवाओं तक में इसके प्रति रुचि पैदा करने के उद्देश्य से देश की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के नाम पर प्रदेश का पहला एवं एकमात्र तारामंडल ज्योतिसर रोड पर करीब पांच एकड़ में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाया गया था लेकिन पिछले पांच साल से इसका खगोल विज्ञान शो ही ठप पड़ा है, इससे पहले करीब दो साल तक कोरोना काल में भी यह बंद रहा। इसके बाद ठप हुए शो को आज तक दोबारा नहीं चलाया जा सका है। यहां प्रदेश ही नहीं आसपास के प्रदेश के स्कूली बच्चे व पर्यटक निराशा के साथ लौटने को मजबूर है। प्रशासन इसकी फाइल हाई पॉवर प्रचेज कमेटी के पास होने का पिछले करीब ढाई साल से दावा कर रहा है। यहां हर रोज करीब 500 पर्यटक पहुंचते रहे हैं।
शिलान्यास पट्ट से आगे नहीं बढ़ पाया फाइल स्टार होटल : धर्मनगरी में बनाया जाने वाला पहला पांच सितारा होटल सात साल में अपने शिलान्यास पट्ट से आगे नहीं बढ़ पाया है। यह होटल कब बनेगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। 80 करोड़ की लागत से दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे 44 के समीप सेक्टर दो में अत्याधुनिक पांच सितारा होटल का निर्माण किया जाना था। उम्मीद थी कि इसके निर्माण से पर्यटन के क्षेत्र में धर्मनगरी को जरूर पंख लगेंगे। अब इसका शिलान्यास पत्थर भी मिटने लगा है तो इसकी जगह अवैध ट्रांसपोर्ट नगर जरूर बन गया है। यहां अवैध रूप से भवन निर्माण सामग्री साइट भी बन गई है। वहीं अधिकारियों ने मुख्यमंत्री द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद इसके लिए निविदा मांगी थी लेकिन कोई आगे नहीं आया। पूर्व केंद्रीय पेयजल व स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने 30 नवंबर 2017 को इस पांच सितारा होटल का शिलान्यास किया था।
500 एकड़ में बसाई जानी है अध्यात्म नगरी, लेकिन कब : प्रशासन ने गीता स्थली ज्योतिसर में 500 एकड़ में अध्यात्म नगरी बसाए जाने की योजना भी बनाई हुई है, जिसके अनुसार इसमें देश-विदेश के विभिन्न संस्थाओं के संस्थान, अष्टकोसी परिक्रमा से लेकर महाभारत गांव तक शामिल है। 376 करोड़ की यह परियोजना पर्यटन को खास पंख लगाने वाली मानी जा रही है।
कुरुक्षेत्र। कल्पना चावला तारामंडल।