कुरुक्षेत्र। केंद्रीय बजट 2026-27 नजदीक आते ही युवाओं की उम्मीदें भी तेज हो गई हैं। पढ़ाई, रोजगार, स्टार्टअप, रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट जैसे मुद्दों पर युवा वर्ग सरकार से ठोस और दूरदर्शी प्रावधानों की अपेक्षा कर रहा है। बदलते वैश्विक आर्थिक हालात और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच युवा चाहते हैं कि बजट केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उनके भविष्य को मजबूत आधार दे।
युवाओं का मानना है कि बजट में उच्च शिक्षा को सुलभ और व्यावहारिक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। नई शिक्षा नीति के तहत डिजिटल लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास के लिए अधिक निवेश की आवश्यकता है, साथ ही छात्रवृत्ति, एजुकेशन लोन पर ब्याज में राहत और इंटर्नशिप को बढ़ावा देने की भी मांग है, वहीं, युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स को टैक्स में राहत, आसान फंडिंग और मेंटरशिप की सुविधा चाहते हैं। उनका कहना है कि यदि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत किया जाए तो स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन संभव है।
युवाओं के लिए रोजगार सृजन का हो प्रावधान
एमकॉम की छात्रा सोनिया का कहना है कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन का प्रावधान होना चाहिए। एमएसएमई सेक्टर, स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत किया जाए ताकि पढ़ाई के बाद युवाओं को अवसर मिलें, साथ ही इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप को अनिवार्य रूप से बढ़ावा देना चाहिए।
शोध और नवाचार के लिए शोधार्थी की उम्मीद
कुवि के शोधार्थी राहुल दीप का कहना है कि रिसर्च स्कॉलर्स के लिए फेलोशिप की राशि बढ़ाई जानी चाहिए और समय पर भुगतान सुनिश्चित हो। नवाचार और अनुसंधान के लिए अलग से फंड का प्रावधान हो, ताकि भारत ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ सकें।