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तकनीक और शोध पद्धतियों में दक्षता जरूरी : डॉ. पूजा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र के व्यवसाय प्रशासन विभाग द्वारा साप्ताहिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। 12 मार्च तक चलने वाली कार्यशाला में मास्टरिंग रिसर्च मेथडोलॉजी विद स्मार्ट-पीएलएस विषय पर मंथन किया जाएगा। एनआईटी निदेशक प्रो. बीवी रमना रेड्डी ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यशाला का उद्घाटन किया।
मुख्य वक्ता गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय की प्रो. डॉ. पूजा खत्री ने उच्च गुणवत्ता वाले शोध के महत्व पर जोर दिया तथा अकादमिक प्रकाशनों व परियोजनाओं के संदर्भ में गहन जानकारी दी। अच्छे शोध से अकादमिक क्रेडिट प्वाइंट्स बढ़ाए जा सकते हैं। उन्होंने शोध पद्धतियों और तकनीकों में दक्षता को जरूरी बताया, ताकि शोध अधिक प्रभावी और उपयोगी हो। आज के बदलते अकादमिक माहौल में शोध की गुणवत्ता का महत्व और बढ़ गया है।
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इसी के साथ डॉ. पूजा ने शोध की बुनियादी अवधारणाओं और संरचनात्मक समीकरण मॉडलिंग (एसईएम) तकनीकों का पुनरावलोकन किया। प्रतिभागियों को स्मार्ट पीएलएस सॉफ्टवेयर पर एक हाथों-हाथ सत्र भी प्रदान किया जिससे वे आगामी उन्नत सत्रों के लिए तैयार हो सकें। इसके साथ ही डॉ. खत्री ने संकल्पना और संरचना के बीच अंतर, साहित्य समीक्षा करने की प्रक्रिया, साहित्य समीक्षा की विभिन्न तकनीकों, मॉडल निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण शब्दावली पर प्रकाश डाला और प्रतिभागियों को एक-आयामी और बहु-आयामी संरचनाओं के साथ ही स्केल माप और स्केल विकास के सिद्धांतों से परिचित कराया।
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प्रो. बीवी रमना रेड्डी ने चुनौतियों का समाधान करने में उच्च गुणवत्ता वाले शोध की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। ईंधन दक्ष तकनीकों से संबंधित शोध में आने वाली जटिलताओं को रेखांकित किया। तकनीक की मांग और ईंधन दक्षता की आवश्यकता के बीच संघर्ष पर मंथन किया और बताया कि शोध प्रक्रिया में यह चुनौतियां अक्सर सामने आती हैं। ऐसे उच्च स्तरीय कार्यशालाओं और सम्मेलनों का आयोजन अकादमिक और शोध उत्कृष्टता को बढ़ावा देते हैं। व्यवसाय प्रशासन विभाग के अध्यक्ष डॉ. नीरज कौशिक ने बताया कि विभाग की ओर से नियमित रूप से इस प्रकार की उन्नत स्तर की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है ताकि विद्यार्थियों को नई तकनीक के बारे में समय-समय पर जानकारी मिलती रहे। इस मौके पर डॉ. मोहम्मद फीरोज, डॉ. प्रियंका सिहाग सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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