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Kurukshetra News: किसान रैली के दिनभर पुलिस की फूली रही सांसें, छह लेयर की बैरिकेडिंग

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कुरुक्षेत्र। मंच पर मौजूद किसान नेता। संवाद
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कुरुक्षेत्र/ पिपली। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के बैनर तले सोमवार को की गई किसान-मजदूर जन क्रांति रैली के दौरान दिन भर पुलिस की सांसें फूली रहीं। किसानों ने पहले ही अल्टीमेटम दिया था कि वे अपनी मांगें मनवाकर ही जाएंगे। सुबह से ही रैली में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से किसान सुबह 10 बजे से ही ट्रैक्टरों व अन्य वाहनों के माध्यम से पहुंचने लगे। पिपली अनाज मंडी में आयोजित इस महापंचायत और रैली के चलते पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए, जिससे पूरा दिन तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
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किसानों की संभावित हाईवे जाम या आगे बढ़ने की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने छह लेयर की मजबूत बैरिकेडिंग की, ताकि उन्हें नेशनल हाईवे पर आने से पहले ही रोक सके। रैली के चलते पूरा दिन शहर में आवाजाही प्रभावित हुई। पहले के हुए घटनाक्रमों से सबक लेते हुए व रैली में आए किसानों के गुस्से को भांपकर सुबह से ही पुलिस की टीमें सक्रिय रही और क्रेनों से रोड पर बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी से भरे डंपर खड़े किए गए ताकि किसी भी वाहन को आसानी से आगे न बढ़ने दिया जा सके। पुलिस आंसू गैस के गोलों, बज्र वाहनों व किसानों को काबू करने के लिए बड़ी संख्या में रोडवेज की बसों को भी पुलिस लाइन में रिजर्व रखा गया। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस के करीब एक हजार जवान अनाज मंडी व पिपली चौक पर तैनात रही।
शहर में भारी वाहनों की एंट्री पर पूरे दिन प्रतिबंध लगा रहा, इसके बाद भी पूरे दिन रैली में बड़े स्तर पर वाहनों की आवाजाही के चलते जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस कर्मचारी पूरा दिन रोड पर खड़े रहे और वाहन चालकों को दिशा-निर्देश देते रहे, जिससे आम राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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न एडवाइजरी व रूट डायवर्ट का ज्यादा दिखा असर
पिपली चौक और आसपास के इलाकों में जाम की स्थिति बन रही करीब पिपली चौक पर ही 15 से ज्यादा पुलिस कर्मी यातायात व्यवस्था को संभालते नजर आए। पुलिस द्वारा दो दिन पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर कर भारी वाहनों को डायवर्ट करने का प्लान बनाया था। पुलिस ने चारों ओर से बैरिकेडिंग कर हर स्थिति से निपटने की तैयारी रखी, लेकिन एडवाइजरी का ज्यादा असर दिखाई नहीं दिया और कुछ भारी वाहन शहर में प्रवेश कर गए थे, जिन्हें बाद में दूसरी ओर मोड़ा गया।
शाम को जब किसानों ने उपायुक्त के आश्वासन के बाद घर लौटने का ऐलान किया और रैली समाप्त हुई, तब जाकर पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली। हालांकि, पिपली और आसपास के क्षेत्रों में शाम तक जाम की स्थिति बनी रही।


पुलिस के डिटेन करने की सूचना पर ब्यास पहुंचे चढ़ूनी, फिसल कर गिरे
किसान नेताओं ने मंच से पुलिस पर गुरनाम सिंह चढ़ूनी का पीछा करने का आरोप लगाया। सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष छिकारा ने कहा कि दो दिन पहले गुरनाम सिंह चढूनी को सूचना मिली कि पुलिस उन्हें रैली करने से रोकने के लिए गांव में उनके निवास स्थान पर आ रही है तो वह इनसे बचते हुए ब्यास पहुंच गए। वहीं जब थके हारे आराम कर रहे थे। इस दौरान बाथरूम में उनका पांव फिसल गया, जिससे उनका कूल्हा टूट गया और आज पंजाब एक अस्पताल में उनका ऑपरेशन होना है। ऑपरेशन थियेटर में जाने से पहले गुरनाम सिंह ने वीडियो कॉल के माध्यम से रैली में पहुंचे किसानों को संबोधित किया।

कुरुक्षेत्र। मंच पर मौजूद किसान नेता। संवाद

कुरुक्षेत्र। मंच पर मौजूद किसान नेता। संवाद

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