कुरुक्षेत्र। साइबर अपराधी रेलवे, बस, एयर-लाइन और मूवी टिकट बुकिंग के नाम पर फर्जी वेबसाइट व मोबाइल एप तैयार कर आमजन को ठग रहे हैं। इन मामलों को देखते हुए साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए जिला पुलिस ने एक साइबर एडवाइजरी जारी की है।
पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल युग में जहां ऑनलाइन सेवाएं जीवन को आसान बना रही हैं, वहीं साइबर अपराधियों की ओर से इनका दुरुपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में टिकट बुकिंग के नाम पर साइबर फ्रॉड के कई मामले सामने आए हैं। इन मामलों में आरोपियों ने आईआरसीटीसी, रेड-बस, मेक-माई-ट्रिप और बुक माई शो जैसी वेबसाइटों के नाम से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट या लिंक तैयार किए हुए थे। इन लिंक के माध्यम से टिकट बुक करने पर पीड़ितों के बैंक खातों व यूपीआई की जानकारी एकत्र कर लेते हैं। जिनका प्रयोग करके ठग उन खातों में सेंधमारी करते हैं।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग करते समय जल्दबाजी न करें, जानकारी की पुष्टि करें और क्लिक करने से पहले सोचें। साइबर अपराध से बचाव ही सबसे प्रभावी सुरक्षा है। ऑनलाइन सुविधाओं का सुरक्षित उपयोग तभी संभव है जब नागरिक जागरूक रहें। उन्होंने आमजन से अपील कि किसी भी संदिग्ध वेबसाइट, एप या लिंक की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और साइबर सेल को दें।
कैसे करते हैं साइबर अपराधी ठगी
- फर्जी वेबसाइट या मोबाइल एप बनाकर उन्हें गुगल सर्च या सोशल मीडिया विज्ञापनों के माध्यम से दिखाया जाता है।
- कस्टमर केयर नंबर के नाम पर व्हाट्सएप या कॉल के जरिये संपर्क कर रिफंड या टिकट कन्फर्मेशन के बहाने लिंक भेजा जाता है। लिंक पर क्लिक करने या यूपीआई के माध्यम से भुगतान करते ही बैंक संबंधी संवेदनशील जानकारी अपराधियों के पास पहुंच जाती है।
-कुछ मामलों में स्क्रीन शेयरिंग एप या क्यूआर कोड के जरिए भी ठगी को अंजाम दिया जाता है।
सुरक्षा के लिए अपनाएं ये सावधानियां
-टिकट बुकिंग के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या प्रमाणित मोबाइल एप का ही उपयोग करें।
-वेबसाइट का यूआरएल ध्यानपूर्वक जांचें, वास्तविक वेबसाइट हमेशा सुरक्षित एचटीटीपीएस डोमेन पर होती है।
-गुगल सर्च में दिखने वाले पहले लिंक पर तुरंत क्लिक न करें, ये कई बार फर्जी विज्ञापन होते हैं।
-किसी अज्ञात नंबर से आए कॉल, लिंक या रिफंड ऑफर पर भरोसा न करें। किसी भी व्यक्ति को ओटीपी, बैंक डिटेल या स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति न दें।
-मोबाइल फोन में एंटीवायरस इंस्टॉल रखें और सॉफ्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट करें।
-साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराएं।