लाडवा। पिछले कई दिनों से टिप्परों को सफाई कर्मचारियों द्वारा नगर पालिका में रोके जाने के बाद सीएम सिटी लाडवा में सफाई व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई थी। जिससे न केवल घरों में बल्कि सड़कों पर निकलते समय भी बदबू फैलनी शुरू हो गई थी। रविवार को कुछ सफाई व फायर कर्मचारी राज्य स्तरीय मीटिंग में भाग लेने के लिए रोहतक गए हुए थे। शहर में फैली गंदगी व आमजन के बढ़ते रोष को देखते हुए रविवार देर रात ड्यूटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल नगर पालिका गेट पर पहुंचा और सफाई कर्मचारियों से बात की। ड्यूटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार ने सफाई कर्मचारियों को अपना प्रदर्शन शांतिपूर्वक करने तथा टिप्परों को नगर पालिका से बाहर निकालने का अनुरोध किया। वहीं पुलिस अधिकारियों को देख सफाई व फायर कर्मचारी भड़क उठे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इतना ही नहीं सफाई कर्मचारियों ने नगर पालिका गेट का पर ताला जड़ दिया और गेट के सामने ही दरी बिछा कर धरने पर बैठ गए। वार्ता विफल होने के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार ने पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को ताला तोड़कर गेट खोलने का आदेश दिया और टिप्परों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। सफाई व फायर कर्मचारियों के विरोध करने पर पुलिस कर्मचारियों ने 40 से अधिक सफाई कर्मचारियों को बसों में बिठा लिया और धरना स्थल से लेकर चले गए। पुलिस कर्मचारियों ने ताला तोड़कर एक-एक कर टिप्परों को बाहर निकाला और अज्ञात स्थान पर ले गई।
वहीं प्रधान तरसेम कुमार ने सरकार पर 13 मई के समझौते से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों के लिए स्थायी नौकरी की व्यवस्था नहीं है और ग्रुप-डी के पदों पर भी सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की गई। इस मौके पर नगर पालिका एवं फायर लाडवा से तरसेम, ऋषिपाल, छोटेलाल, उपप्रधान रानी देवी, राकेश कुमार, अभिनव, राजवीर, सोना, ठेके पर कार्यरत कर्मचारी और डोर-टू-डोर कर्मचारी मौजूद रहे।