कुरुक्षेत्र। शाहाबाद में की शुक्रवार की रात की आठ बजे गई शराब कारोबारी शांतनु की हत्या के मामले में पुलिस 24 घंटे में कोई सुराग हासिल नहीं कर सकी। शराब कारोबारियों को खौफजदा कर देने वाली सनसनीखेज वारदात में गिरफ्तारी होना तो दूर किसी संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ तक नहीं की गई। यह हाल तब है जबकि अधिकारियों ने घटना का खुलासा करने के लिए दस टीमों के गठन का दावा किया है।
कड़ी सुरक्षा के बीच शनिवार की दोपहर एलएनजेपी नागरिक अस्पताल में कारोबारी के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसमें पता चला कि उन्हें 12 गोलियां लगी थीं। सभी गोलियां शरीर के आरपार हो गईं। ये नजदीक से मारी गई थीं। वारदात के तरीके से लग रहा है कि इसे पेशेवर शूटरों से अंजाम दिलाया गया। हत्या दो बदमाशों ने की।
पुलिस का मानना है कि हत्या में विदेशी पिस्टल का इस्तेमाल किया गया। हरियाणा के कई गिरोह के पास विदेशी हथियार हैं। पुलिस ऐसे सभी गिरोह के बारे में जानकारी जुटा रही है। सबसे पहले उन गिरोह की तलाश की जा रही है, जो सोशल मीडिया पर इस घटना की जिम्मेदारी ले रहे हैं। बदमाशों तक पहुंचने के लिए पुलिस उनकी बाइक के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। हत्या के बाद बदमाश बाइक छोड़कर भागे थे। इस पर नंबर प्लेट नहीं है। माना जा रहा है कि यह चोरी या लूट की है। लोगों ने उन्हें घेरने की कोशिश की थी। इससे घबराकर बदमाश अपनी बाइक छोड़ गए थे। एक राहगीर की बाइक लूटकर उससे भागे थे।
शाहा की ओर भागे बदमाश
शांतनु अपने कार चालक प्रिंस और ठेकों की देखरेख करने वाले अनिकेत के साथ चंडीगढ़ जा रहे थे। रास्ते में शाहाबाद के मीना बाजार के पास सिगरेट पीने के लिए गाड़ी रुकवाई। जैसे ही वह गाड़ी से उतरकर सिगरेट लेने के लिए बढ़े, उनकी रेकी कर रहे दो बाइक सवार हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी। चालक प्रिंस ने शांतनु को बचाने की कोशिश में हमलावरों को गाड़ी से टक्कर मारी लेकिन वे बचकर भाग निकले। हमलावरों ने सड़क के दूसरी ओर जाकर पिस्तौल के दम पर एक बाइक छीनी और अंबाला के शाहा कस्बा की ओर फरार हो गए।
दो बदमाशों ने ली घटना की जिम्मेदारी
दो बदमाशों ने सोशल मीडिया पर इस घटना की जिम्मेदारी ली है। ये बदमाश काला राणा गैंग के नोनी राणा और भानू राणा हैं। कारोबारी के परिवार ने बताया है कि इसी गिरोह के बदमाशों से काफी समय से धमकियां मिल रही थीं। पुलिस सोशल मीडिया की पोस्ट के बारे में भी पड़ताल कर रही है।
कई ठेके लिए थे शांतनु ने
शराब कारोबारी शांतनु मूल रूप से झज्जर के निवासी थे। वह काफी समय से शराब के कारोबार से जुड़े थे। हाल ही में शाहाबाद के दो प्रमुख ठेके नीलामी में लिए थे। इसके अलावा कई जगह ठेके लिए थे। पुलिस की जांच में आया है कि उन्हें काफी समय से बदमाशों की ओर से धमकियां मिल रही थीं। बदमाश रंगदारी मांग रहे थे। उनके परिवार के लोगों का कहना है कि उनके पास धमकी का ऑडियो भी है।
गर्दन के नीचे लगीं गोलियां
पोस्टमॉर्टम करने वाले चिकित्सकों डॉ. नरेश सैनी और डॉ. गौरव ने बताया कि शांतनु को 12 गोलियां मारी गईं। ये गर्दन से नीचे और पेट से ऊपर के हिस्से में लगीं। गोलियों ने पेट, हृदय, लिवर और किडनी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। खून अधिक बहने से मौत हो गई।
-बदमाशों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं। एक साथ कई जगह तलाशी अभियान चल रहा है - नीतीश अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक
पुलिस की तीन बड़ी नाकामी
1. प्रदेश में इन दिनों शराब ठेकों की नीलामी चल रही है। गैंगस्टर शराब कारोबारियों को रंगदारी की धमकी दे रहे हैं। कई जिलों में फायरिंग कर चुके। इसके बावजूद गैंगस्टरों और गुर्गों पर पुलिस ने शिकंजा नहीं कसा। इसी चूक से यह वारदात हो गई।
2. ताबड़तोड़ फायरिंग कर शराब कारोबारी को गोलियों से छलनी करने के बाद बदमाश बड़ी आसानी से भाग निकले। किसी बड़ी वारदात के बाद की जाने वाली नाकाबंदी जैसा कुछ नजर नहीं आया। घटना के बाद गंभीरता से चेकिंग तक नहीं कराई गई।
3. तीसरी नाकामी घटना के बाद बदमाशों का पता नहीं चल पाने का है। यह चूक इसलिए चौंका रही है क्योंकि जो बदमाश सोशल मीडिया पर घटना की जानकारी ले रहे हैं, पुलिस उन्हें भी पकड़ नहीं पा रही है। पुलिस की यह नाकामी कारोबारियों में खौफ बढ़ा रही है।