संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने रविवार को कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बजट में अलग से धनराशि का प्रावधान किया जाएगा। इसके अलावा गुरुग्राम में आर्गेनिक मंडी बनाने की योजना है। इसी कड़ी में आठ मार्च को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सभागार में प्राकृतिक खेती पर आधारित प्रदेश स्तरीय कृषि कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कार्यशाला में मुख्यमंत्री मनोहर लाल व गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत शिरकत करेंगे। कार्यशाला में करीब 1200 किसानों को आमंत्रित किया गया है। वहीं सांसद, विधायक, सभी जिलों के उपायुक्त, चार विश्वविद्यालयों के कुलपति, कृषि विभाग, बागवानी विभाग, पशुपालन विभागों के अधिकारी और प्रगतिशील किसान भी शिरकत करेंगे।
उन्होंने कहा कि आज देश के साथ-साथ प्रदेश में जहर युक्त खेती की जा रही है। इससे जहां लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है वहीं भूमि की सेहत खराब होने के साथ-साथ किसानों की आय भी कम हो रही है। इस गंभीर विषय को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए जागरूक कर रहे हैं। इसकी शुरुआत दो वर्ष पहले गुरुकुल कुरुक्षेत्र में राज्यपाल आचार्य देवव्रत की देखरेख में शुरू की गई थी। कोरोना महामारी के कारण इस अभियान को आगे नहीं बढ़ाया जा सका। अब महामारी का प्रकोप कम होने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मार्गदर्शन में फिर से किसानों को प्राकृतिक खेती के साथ जोड़ने के लिए आठ मार्च को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सभागार में कृषि कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि समय की मांग को जेहन में रखते हुए सरकार ने कृषि उत्पादों की गुणवत्ता पर फोकस रखकर प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने का फैसला लिया है। सरकार हर ब्लॉक और हर गांव के किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का प्रयास करेगी। सरकार सबसे पहले लैब, उत्पादों की जांच करने की विधि, प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सर्टिफाइड करने और अधिक से अधिक प्रशिक्षण केंद्र खोलने पर ध्यान देगी। इसके बाद गुरुग्राम में आर्गेनिक मंडी स्थापित करेगी। इस मौके पर सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा, भाजपा के जिलाध्यक्ष राजकुमार सैनी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक डॉ. अर्जुन सिंह, एडीसी अखिल पिलानी, डीडीए डॉ. प्रदीप मिल, एसडीओ जितेंद्र मेहता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।