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ऑफलाइन कक्षाएं खोलने को लेकर एबीवीपी ने दिया धरना
बुधवार रात से कुलपति कार्यालय के बाहर जमाया डेरा, जल्द केयू कैंपस न खोलने पर भूख हड़ताल पर जाने की चेतावनी
क्रासर
उधर विभिन्न छात्र संगठन ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। ऑफलाइन कक्षाओं के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कैंपस खुलवाने की मांग को लेकर छात्र संगठन ने आंदोलन छेड़ दिया है। वीरवार को जहां विभिन्न छात्र संगठन एकत्रित होकर केयू प्रशासन को ज्ञापन सौंपने पहुंचे। वहीं एबीवीपी छात्र नेता बुधवार रात्रि से कुलपति कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए। छात्र नेताओं ने प्रशासन को साफ तौर पर कह दिया कि कैंपस नहीं खुलने तक वें यहां से नहीं उठने वाले। वहीं चेतावनी भी दी कि यदि जल्द ही केयू कैंपस को ऑफलाइन कक्षाओं के लिए नहीं खोला गया तो वें भूख हड़ताल पर चले जाएंगे। उधर वीरवार को अन्य छात्र संगठन भी कैंपस खुलवाने की मांग को लेकर एकजुट हुए और नारेबाजी करते हुए कुलपति कार्यालय पर पहुंचे। यहां केयू प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
अनिश्चितकालीन धरने पर बैठकर एबीवीपी के यूनिवर्सिटी इकाई अध्यक्ष जयंत चौधरी ने बताया कि हरियाणा सरकार के उच्चतर शिक्षा संस्थान द्वारा जारी निर्देशों में हरियाणा के सभी आवासीय विश्वविद्यालय को 15 नवंबर तक प्रत्यक्ष रूप से शिक्षण कार्य बंद रखने की बात कही गई है। यह पूर्ण रूप से गलत है, जिसका विरोध एबीवीपी विश्वविद्यालय इकाई कर रही है और विश्वविद्यालय प्रांगण को प्रत्यक्ष रूप से कक्षाओं के लिए खोलने की मांग कर रही है। विश्वविद्यालय खुलवाने को लेकर एबीवीपी 2 बार ज्ञापन दे चुकी है। इस अवसर पर कुरूक्षेत्र विभाग संयोजक हिमांशु ठाकुर, जिला संगठन मंत्री दिनेश फंडन , सौरभ बढ़ाना, नितिन, अमन, अभिषेक ,नीरज , निखिल,रोहित, भावदीप, विपिन, गुरुहर्ष, दीपेंद्र मौजूद रहे।
कुलसचिव से मिली संयुक्त संघर्ष समिति
संयुक्त छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले केयू के विभिन्न छात्र संगठनों ने भी विश्वविद्यालय खुलवाने की मांग को लेकर कुलसचिव से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। एसएफआई कैंपस सचिव मोहित बूरा ने बताया कि महामारी ने शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया को गंभीर रूप से बाधित किया है। एनएसयूआई छात्र संगठन से रॉकी राणा ने बताया कि समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय पुस्तकालयों, छात्रावास और प्रयोगशालाओं के साथ-साथ चरणबद्ध पद्धति द्वारा विश्वविद्यालय परिसर को पुन: खोलना चाहिए। डासफी अध्यक्ष पिंटू ने कहा कि छात्रों को अपने अध्ययन के लिए अध्ययन सामग्री और पुस्तकों तक पहुंचने की आवश्यकता होती है और इस प्रकार विश्वविद्यालय, पुस्तकालय को फिर से खोलने का अत्यधिक महत्व है। छात्र एकता मंच और दिशा छात्र संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रयोगशालाओं को फिर से खोलना चाहिए ताकि प्रायोगिक परीक्षा के साथ सीखने के क्रम में उचित संवाद स्थापित हो सके। छात्र संगठनों ने बताया कि कुलसचिव ने उन्हें बताया है कि विवि प्रशासन खुद विश्वविद्यालय को खोलने का इच्छुक है, लेकिन इस बारे राज्य सरकार की नई गाइडलाइन अब तक नहीं आई है। उच्च शिक्षा विभाग ने इस से पहले दो बार दिशा निर्देश दिए हैं, जिसमे पहले यूनिवर्सिटी खोलने की बात की लेकिन फिर बंद करने की।