इस सीजन में विभिन्न एजेंसियों द्वारा खरीदे गए गेहूं का 1157.27 करोड़ भुगतान जिले के किसानों के बैंक खातों में सीधे जमा कराया जा चुका है। ऑनलाइन प्रणाली से 83 हजार 752 किसानों के खातों में यह पेमेंट डाली गई है। यह भुगतान सात से 14 दिनों के अंदर किया गया।
जिले में फसल खरीद के लिए 22 खरीद केंद्रों का गठन किया गया था। खाद्य आपूर्ति विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन, एफसीआई एजेंसियों को खरीद की जिम्मेवारी सौंपी गई। अतिरिक्त उपायुक्त प्रीति ने बातचीत करते हुए कहा कि 18 मई तक फूड सप्लाई ने 49 हजार 821 किसानों की 3 लाख 45 हजार 195 मीट्रिक टन गेहूं खरीदी है। इस एजेंसी ने 47 हजार 408 आई फार्म को अप्रूव किया और किसानों के खातों में 649.23 करोड़ रुपये की राशि जमा कराई है। इसी तरह हैफेड ने 31 हजार 718 किसानों की 2 लाख 44 हजार 577 मीट्रिक टन गेहूं खरीद कर 33 हजार 53 आई फार्म अप्रूव किए। इस एजेंसी ने किसानों के खातों में 472.30 करोड़ रुपये की राशि जमा कराई। इसके अलावा हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन ने 1461 किसानों की 12 हजार 234 मीट्रिक टन गेहूं खरीदी और किसानों के सीधे बैंक खातों में 24.16 करोड़ रुपये, एफसीआई ने 738 किसानों की 5922 मीट्रिक टन गेहूं खरीद कर 402 आई फार्म अप्रूव करके 11.58 करोड़ रुपये जमा कराए।
डीएफएससी केके गोयल ने कहा कि डीएफएससी ने अमीन खरीद केंद्र के किसानों को सात करोड़ 72 लाख, बाबैन खरीद केंद्र के किसानों को 56 करोड़ 55 लाख, भौर सैदां खरीद केंद्र पर दो करोड़ 75 लाख, गुमथला गढू पर 17 करोड़ 6 लाख, इस्माईलाबाद पर 79 करोड़ 56 लाख, झांसा पर 13 करोड़ 16 लाख, कुरुक्षेत्र पर 121 करोड़ 53 लाख, कराह साहिब पर 18 करोड़ 92 लाख, लाडवा पर 83 करोड़ 76 लाख, नीमवाला पर 7 करोड़ 62 लाख, पिहोवा पर 86 करोड़ 61 लाख, पिपली मंडी में 65 करोड 39 लाख, शाहाबाद मंडी में 62 करोड़ 2 लाख, थाना में 5 करोड़ 52 लाख, ठोल में 20 करोड़ 76 लाख रुपये खातों में जमा कराए है।
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हैफेड ने किया 472.30 करोड़ राशि का भुगतान
डीएफएससी केके गोयल ने कहा कि हैफेड खरीद एजेंसी ने अजराना कलां खरीद केन्द्र पर 8.73 करोड़, गुमथला गढू मंडी के लिए 19.01 करोड़, इस्माईलाबाद मंडी के लिए 91.66 करोड़, झांसा मंडी के लिए 9.30 करोड़, किरमिच मंडी के लिए 5.69 करोड़, लाडवा मंडी के लिए 101.72 करोड़, मलिकपुर मंडी के लिए 12.72 करोड़, पिहोवा मंडी के लिए 80.01 करोड़, पिपली मंडी के लिए 9.91 करोड़, शाहाबाद मंडी के लिए 55.10 करोड़, थानेसर मंडी के लिए 78.39 करोड़ रुपये किसानों के खाते में डाले हैं।