कुरुक्षेत्र। सरकारी अस्पतालों में पैरामेडिकल स्टाफ की तरफ सरकार का कोई ध्यान नहीं है। प्रदेशभर में पैरामेडिकल के सात हजार स्वीकृत पदों में से करीब दो हजार पद रिक्त पड़े हैं। कर्मचारियों के अभाव में मरीजों को परेशानी हो रही है। विभाग में कर्मचारी कम होने के कारण एक कर्मचारी को एक से अधिक जिम्मेदारी सौंपी हैं। जिससे कर्मचारियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। काम के बोझ के कारण कर्मचारी ठीक से अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे।
प्रदेशभर में नर्सिंग ऑफिसर के 5041 स्वीकृत पद है जिनमें से 450 पद खाली पड़े हैं। वहीं लैब टेक्नीशियन के 1338 में से 426 पद, ईसीजी टेक्नीशियन के 140 पदों में से 114 पद, रेडियोग्राफर के 395 पदों में से 134 पद, नेत्र सहायक के 395 पदों में से 134 पद खाली पड़े हैं। ऐसे ही सिविल सर्जन कार्यालय में मुख्य फार्मेसी अधिकारी के 22 पदों में से 18 पद, वरिष्ठ फार्मेसी अधिकारी के 36 स्वीकृत पद में से 36 ही पद रिक्त पड़े हैं। संवाद
नर्सिंग ऑफिसर के
जिला स्वीकृत पद भरे पद खाली पद
कुरुक्षेत्र 221 191 30
करनाल 299 247 52
कैथल 204 182 22
अम्बाला 370 277 93
फरीदाबाद 155 135 20
यमुनानगर 231 160 71
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रेडियोग्राफर के
जिला स्वीकृत पद भरे पद खाली पद
कुरुक्षेत्र 18 9 9
करनाल 27 20 7
कैथल 14 6 8
अम्बाला 26 10 16
यमुनानगर 20 3 17
सिरसा 21 5 16
महेंद्रगढ़ 17 7 10
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सरकार को भेजी रिपोर्ट : डॉ. सुखबीर
कर्मचारियों की कमी को लेकर कई बार सरकार को अवगत करा चुके हैं। जल्द ही कर्मचारियों की नियुक्ति होने की संभावना बनी हुई है। प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही है। डॉ. सुखबीर सिंह , डायरेक्टर स्वास्थ्य विभाग