कुरुक्षेत्र। कुवि के सामुदायिकेंद्र में ईवीएम, वीवीपैट व अन्य सामान देखता पोलिंग एजेंट। संवाद
कुरुक्षेत्र। मतदान से एक दिन पहले शुक्रवार को मतदान पार्टियों को मतदान सामग्री के बस्ते आवंटित किए गए, जिनमें ईवीएम मशीनें, वीवीपैट, कंट्रोल से लेकर मेडिकल किट तक शामिल रही। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सामुदायिक केंद्र व शूटिंग रेंज में बनाए स्ट्रांग रूम पर बस्तों का आवंटन सुबह से ही शुरू किया गया और शाम करीब पांच बजे तक जारी रहा। बस्ते लेेने के दौरान दिनभर मेले जैसा माहौल बना रहा, जहां मतदान पार्टियों के लिए खाने पीने की भी समुचित व्यवस्था की गई।
इस दौरान प्रशासन की ओर से सख्त निर्देश दिए गए कि चुनाव ड्यूटी पर जा रहे मतदान दल के कार्य में अगर कोई असामाजिक तत्व या राजनीतिक पार्टियां अपने प्रभाव के चलते उनकी ड्यूटी में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न करते हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा मतदान केंद्र के अंदर यदि किसी व्यक्ति का आचरण सही नहीं है या कोई पीठासीन अधिकारी के आदेशों की अवहेलना करता है तो उसे ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारी द्वारा मतदान केंद्र से बाहर निकाल दिया जाएगा। उसके बाद भी यदि वह व्यक्ति पीठासीन अधिकारी की अनुमति के बिना मतदान केंद्र में पुन: प्रवेश करता है तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मतदान पार्टियों को छोड़ने में लगाई 164 स्कूल बसें, 91 वाहनों से बूथों पर पहुंचे अधिकारी
बता दें कि मतदान पार्टियों को मतदान सामग्री के साथ बूथों पर पहुंचाने का जिम्मा आरटीए विभाग को सौंपा गया। इसके लिए विभाग के इंस्पेक्टर जोगिंद्र ढुल की निगरानी में निजी स्कूलों की 164 बसें लगाई गई जबकि आठ बसें रिजर्व रखी गई। इन बसों के जरिए मतदान पार्टियां बूथों पर पहुंची तो वहीं 91 वाहनों के जरिए अधिकारियों को संबंधित बूथों पर पहुंचाया गया। जहां मतदान सामग्री सुबह नौ बजे ही वितरित की जाने लगी तो वहीं कुवि के स्टेडियम में सभी स्कूल बसों व अन्य वाहनों को एकत्रित किया गया। हर बस में मतदान पार्टियां कड़ी सुरक्षा निगरानी में रवाना की गई।
मतदान केंद्र में हथियार लेकर आने पर दो साल की कैद का प्रावधान
रिटर्निंग अधिकारी, प्रेजाइडिंग अधिकारी, पुलिस ऑफिसर या कोई अन्य व्यक्ति जिसे मतदान केंद्र के अंदर शांति और व्यवस्था कायम रखने हेतु डयूटी पर तैनात किया गया हो, उन्हें छोड़कर यदि कोई व्यक्ति हथियार के साथ मतदान केंद्र में आता है तो उसे एक अपराध माना जाएगा। इसके लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 134 बी के तहत 2 साल की कैद या जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। वहीं, चुनाव प्रतिबद्धता की दृष्टि से अपराध करने हेतु यदि कोई व्यक्ति किसी मतपत्र या ईवीएम पर लगे आधिकारिक चिह्न को धोखाधड़ी से विरूपित या नष्ट कर देता है या किसी मतपेटी में मतपत्र के अलावा कुछ भी डाल देता है। इस स्थिति में यदि यह अपराध चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी अधिकारी या क्लर्क द्वारा किया जाता है तो दो साल की कैद या जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। यदि यह अपराध किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया जाता है तो उसे छह माह की कैद या जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं।